सहारनपुर में वक्फ संपत्तियों के 990 रजिस्ट्रेशन रद्द; कब्रिस्तान और मस्जिदों के सबसे ज्यादा

हिन्दुस्तान, सहारनपुर
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निरस्त संपत्तियों में छोटी मस्जिदों की जमीन से लेकर बड़े कब्रिस्तान तक शामिल हैं।  सबसे ज्यादा कार्रवाई कब्रिस्तानों के पंजीकरण पर हुई है, जबकि दूसरे नंबर पर मस्जिदें हैं। इसके अलावा मदरसे, ईदगाह, इमामबाड़ा और दरगाह भी जांच की जद में आए हैं। अब संबंधित संस्थानों को सही दस्तावेज दोबारा जमा करने होंगे

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सहारनपुर में वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण में बड़ी खामियां सामने आने के बाद वक्फ बोर्ड ने 990 संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन फिलहाल खारिज कर दिया है। दस्तावेजों में गड़बड़ी और रिकॉर्ड का सही मिलान न होने पर बोर्ड ने सख्त रुख अपनाते हुए यह कार्रवाई की है। अब संबंधित संस्थानों और मुतवल्लियों को दोबारा सही जानकारी के साथ आवेदन करना होगा।

990 संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन कैंसिल

जिले में अब तक 3000 से अधिक वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण उम्मीद पोर्टल पर कराया जा चुका है। सत्यापन के दौरान कई मामलों में संपत्तियों के स्वामित्व, खसरा-खतौनी और रकबे से जुड़ी गलत जानकारी दर्ज मिली। कई संस्थानों ने पुराने दस्तावेज अपलोड किए थे, जबकि पोर्टल पर दर्ज विवरण रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे थे। इसके चलते सत्यापन प्रक्रिया में बड़ी संख्या में आवेदन अटक गए। जांच में सामने आया कि कई वक्फ संपत्तियों में दफा-37 की रिपोर्ट संलग्न नहीं की गई थी। कुछ संस्थानों में मुतवल्ली की नियुक्ति तक नहीं पाई गई, जो नियमों का उल्लंघन माना गया। वक्फ बोर्ड ने इन खामियों को गंभीर मानते हुए 990 संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया।

5 जून तक जरूरी दस्तावेजों के साथ दोबारा आवेदन का मौका

अब संबंधित लोगों को कॉल कर सही और पूरा विवरण दोबारा पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। बोर्ड ने साफ किया है कि यह कार्रवाई स्थायी नहीं है, बल्कि रिकॉर्ड सुधारने का अवसर दिया गया है। वक्फ बोर्ड के अनुसार, संस्थान 5 जून तक आवश्यक दस्तावेजों के साथ दोबारा आवेदन कर सकते हैं। उम्मीद पोर्टल पर अंतिम डेटा अपलोड करने की तिथि 6 जून तय की गई है। इसके बाद किसी भी त्रुटि या चूक की जिम्मेदारी संबंधित संस्थान की होगी।

कब्रिस्तान और मस्जिदों के सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन रद्द

वक्फ बोर्ड की जांच में सामने आया कि 990 संपत्तियों का पंजीकरण गलत जानकारी और अधूरे दस्तावेजों के कारण निरस्त किया गया। कई संस्थानों ने उम्मीद पोर्टल पर विवरण तो दर्ज किया, लेकिन जरूरी कानूनी कागजात अपलोड नहीं किए। निरस्त संपत्तियों में छोटी मस्जिदों की जमीन से लेकर बड़े कब्रिस्तान तक शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा कार्रवाई कब्रिस्तानों के पंजीकरण पर हुई है, जबकि दूसरे नंबर पर मस्जिदें हैं। इसके अलावा मदरसे, ईदगाह, इमामबाड़ा और दरगाह भी जांच की जद में आए हैं। अब संबंधित संस्थानों को सही दस्तावेज दोबारा जमा करने होंगे।

जिला कॉर्डिनेटर नईम पीरजादा ने बताया कि पोर्टल पर दर्ज सैंकड़ों वक्फ संपत्तियों के दस्तावेज और विवरण रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहे थे। संबंधित संस्थानों को सुधार का मौका दिया जा रहा है। सही जानकारी और आवश्यक दस्तावेज अपलोड होने के बाद दोबारा पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होगी।

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