यूपी-उत्तराखंड के 60 हजार लोग इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के रडार, TDS की हेराफेरी में फंसे
- 50 लाख से अधिक की अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री में टैक्स चोरी का बड़ा खेल सामने आया है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की छानबीन में अब तक 60 हजार ऐसे लोग मिले हैं जिन्होंने TDS में करोड़ों की हेराफेरी की। अब ऐसे लोग रडार पर हैं।

Income Tax News: 50 लाख से अधिक की अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री में टैक्स चोरी का बड़ा खेल सामने आया है। आयकर विभाग की छानबीन में अब तक 60 हजार ऐसे लोग मिले हैं जिन्होंने टीडीएस में करोड़ों की हेराफेरी की। अब ऐसे लोग रडार पर हैं। संपत्ति की खरीद-बिक्री में लाखों-करोड़ों की आमदनी के बाद भी टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) नहीं देने में यूपी, उत्तराखंड के हजारों लोग फंसे हैं। सभी के खिलाफ विभाग कार्रवाई की तैयारी में है। फिलहाल नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कानपुर, आगरा, मेरठ, नोएडा, बिजनौर, देहरादून और गाजियाबाद में अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री में टैक्स चोरी के खेल का खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक आयकर नियमों के तहत 50 लाख से ज्यादा की अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री में एक प्रतिशत टीडीएस अदा करना होता है। 60 हजार लोगों ने सूचना भी विभाग से छिपाए रखी।
कानपुर, आगरा और नोएडा में सबसे ज्यादा
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के 60 हजार लोगों ने एक प्रतिशत टीडीएस नहीं देकर विभाग को तगड़ा झटका दिया है। टैक्स चोरी की रकम करोड़ों में बताई जा रही है। हालांकि विभाग रकम का आकलन करने में जुटा है। बताया जा रहा है कि कानपुर, आगरा, नोएडा में सर्वाधिक टैक्स चोरी मिली है। इन शहरों में 500 से 1000 मामले अब तक सामने आ चुके हैं। आयकर विभाग ने टीडीएस चोरी में फंसे लोगों को धारा 194 (आईए) के तहत नोटिस भेजा है। सभी से तय समय में इसका जवाब देने को भी कहा गया है। जवाब न देने व जानकारी छिपाने पर जांच विंग को भी मामला भेजा जा सकता है।
क्या बोले विशेषज्ञ
आर्थिक विशेषज्ञ धर्मेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि 50 लाख से अधिक की अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री में नियमानुसार एक प्रतिशत टीडीएस देना होता है। विभाग के सामने बड़ी संख्या में नाम आए हैं। संबंधित लोगों को स्थिति स्पष्ट करने के लिए नोटिस भेजा गया है। विभाग कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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