Hindi NewsUP News5000 crore non PAN scam property buyers declared themselves poor
5 हजार करोड़ का 'नॉन-पैन' घोटाला, करोड़ों के बंगले और जमीन खरीदने वालों ने खुद को बताया गरीब

5 हजार करोड़ का 'नॉन-पैन' घोटाला, करोड़ों के बंगले और जमीन खरीदने वालों ने खुद को बताया गरीब

संक्षेप:

संपत्ति की खरीद-बिक्री बगैर पैन नंबर के कर दी गई। जांच में सामने आया कि संपत्ति करोड़ों की है। इसी तरह आगरा में नॉन पैन दिखाकर बेशकीमती जमीन का सौदा कर दिया गया। ये दो मामले बानगीभर हैं, नॉन-पैन के नाम पर करोड़पतियों को लाभ पहुंचाने का बड़ा खेल सामने आया है।

Jan 09, 2026 07:23 am ISTPawan Kumar Sharma आशीष दीक्षित, कानपुर
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कानपुर में संपत्ति की खरीद-बिक्री बगैर पैन नंबर के कर दी गई। जांच में सामने आया कि संपत्ति करोड़ों की है। इसी तरह आगरा में नॉन पैन दिखाकर बेशकीमती जमीन का सौदा कर दिया गया। ये दो मामले बानगीभर हैं, नॉन-पैन के नाम पर करोड़पतियों को लाभ पहुंचाने का बड़ा खेल सामने आया है। आयकर विभाग की गोपनीय जांच में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में संपत्ति लेनदेन से जुड़े ऐसे सैकड़ों सौदों के प्रमाण मिले हैं, जिनमें पैन कार्ड होते हुए भी जानबूझकर छिपाया गया। सूत्रों की मानें तो जांच के शुरुआती निष्कर्षों के अनुसार इस तरीके से करीब 5000 करोड़ रुपये की संपत्तियों की खरीद-बिक्री की गई, जिससे आयकर विभाग को करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका है।

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कानपुर, आगरा, मेरठ, नोएडा और देहरादून समेत कई शहरों में संपत्ति सौदों के दौरान नियमों को दरकिनार किया गया। करोड़ों रुपये की संपत्तियां ऐसे व्यक्तियों के नाम पर रजिस्टर्ड कराई गईं, जिन्होंने खुद को नॉन-पैन धारक बताया। जांच में यह संकेत भी मिले हैं कि संबंधित व्यक्तियों के पास पैन कार्ड पहले से मौजूद था, बावजूद उसे रजिस्ट्री के समय प्रस्तुत नहीं किया गया।

रजिस्ट्री दफ्तरों में सर्वे के बाद चौंकाने वाली सूचनाएं

कानपुर और आगरा के रजिस्ट्री कार्यालयों में किए गए सर्वे के बाद कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। एक ही व्यक्ति या समूह से जुड़े कई सौदों में एक जैसा पैटर्न मिलने से जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। सूत्रों का कहना है कि संपत्ति लेनदेन में अनियमितताओं के कारण आयकर को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। रजिस्ट्री विभाग से विस्तृत रिकॉर्ड तलब किया गया है। सभी संदिग्ध सौदों की परत-दर-परत जांच की जाएगी। आयकर विशेषज्ञ अंकुर गोयल कहते हैं कि नॉन पैन और ढाई लाख रुपये सालाना से कम सालाना आमदनी वालों को फॉर्म-60 का लाभ मिलना है। इसके अलावा अगर किसी को इसका लाभ मिला है तो यह नियमों के उलट है।

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संपत्ति करोड़ों की, आय दिखाई ढाई लाख से कम

आयकर विभाग की जांच में फॉर्म-60 के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग का मामला भी उजागर हुआ है। नियमों के अनुसार, पैन कार्ड न होने की स्थिति में फॉर्म-60 भरना होता है, लेकिन जांच में सामने आया है कि करोड़ों की संपत्ति खरीदने वाले लोगों ने सालाना आय ढाई लाख रुपये से कम दर्शाकर इस प्रावधान का गलत इस्तेमाल किया। इससे यह आशंका और गहरी हो गई है कि यह सब टैक्स चोरी के उद्देश्य से संगठित तरीके से किया गया।

Pawan Kumar Sharma

लेखक के बारे में

Pawan Kumar Sharma
"पवन कुमार शर्मा पिछले 3 साल से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। पवन अभी हिन्दुस्तान अख़बार की वेबसाइट Livehindustan.com में काम कर रहे हैं। इससे पहले ABP News में बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाएं और टूरिज्म पर लिखते हैं। पवन ने दिल्ली के भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले कानपुर के क्राइस्ट चर्च कॉलेज से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया था।" और पढ़ें
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