अभ्यर्थियों को रोडवेज बसों में किराए पर 50 प्रतिशत की छूट, यूपी पुलिस भर्ती को लेकर सीएम योगी का फैसला
यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर सीएम योगी ने अभ्यर्थियों के लिए रोडवेज बसों में 50 प्रतिशत किराया करने का फैसला किया है। सीएम योगी ने परिवहन विभाग को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं।

CM Yogi Decision: यूपी में तीन दिन होने वाली यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर सीएम योगी ने बड़ा फैसला लिया है। यूपी रोडवेज बस में पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों को 50 फीसदी छूट दी जाएगी। सीएम योगी ने राज्य परिवहन निगम की बसों में यात्रा को लेकर निर्देश जारी कर दिए हैं।
सीएम योगी ने कहा कि यूपी सरकार युवाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और सुविधाजनक भर्ती प्रक्रिया उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। भर्ती परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के विभिन्न जनपदों में आवागमन को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिल सके और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की भर्ती परीक्षा 08, 09 एवं 10 जून को प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जा रही है। इस परीक्षा में लगभग 29 लाख अभ्यर्थियों के सम्मिलित होने की संभावना है।
प्रवेश पत्र दिखाने पर किराए में मिलेगी छूट
मुख्यमंत्री के निर्णय के अनुसार परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थी अपना प्रवेश पत्र दिखाकर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में 50 प्रतिशत रियायती किराए का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। यह व्यवस्था परीक्षा अवधि के दौरान अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए लागू रहेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि अभ्यर्थियों को सुरक्षित, सुगम और अनुकूल वातावरण में परीक्षा देने का अवसर मिल सके।
पहले दिन नौ लाख अभ्यर्थी देंगे परीक्षा
यूपी पुलिस में आरक्षी के 32,679 पदों पर भर्ती की लिखित परीक्षा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रदेश के 1183 केंद्रों पर आज से परीक्षा कड़ी सुरक्षा में शुरू होगी। इसके लिए 28.86 लाख महिला व पुरुष अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। परीक्षा रोजाना दो पालियों में होगी। पहले दिन सोमवार को करीब नौ लाख अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। सुरक्षा के साथ सभी जिलों में यातायात प्रबंधन को लेकर भी पूरी सावधानी बरने का निर्देश दिया गया है। पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड ने रविवार को 10 जून को होने वाली परीक्षा के प्रवेशपत्र जारी कर दिया है। भर्ती बोर्ड ने सुरक्षा कारणों से परीक्षा की तिथि से तीन दिन पूर्व से संबंधित अभ्यर्थियों के प्रवेशपत्र अपनी वेबसाइट पर जारी करने का निर्णय किया था। अब तक 17 लाख से अधिक अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड कर चुके हैं। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की चेकिंग के अलावा बायोमेट्रिक जांच व ई-केवाईसी भी होगी। इसके लिए सभी केंद्रों पर अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 से 12 बजे तक और दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक होगी।
परीक्षा के नाम पर धांधली करने वालों से रहें सतर्क
सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी करने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। इसी कड़ी में भर्ती बोर्ड ने इंस्टाग्राम पर यूपीपी एग्जाम के नाम से पेज बनाकर अभ्यर्थियों को पेपर दिलाने का झांसा देकर ठगी का प्रयास करने वालों के विरुद्ध शनिवार को मुकदमा दर्ज कराया था। भर्ती बोर्ड के अधिकारियों ने अभ्यर्थियों को इसी प्रकार के भ्रम फैलाकर और झूठे दावे कर ठगी का प्रयास करने वालों से सतर्क रहने की अपील की है।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
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लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
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हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
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करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


