95 साल की दादी की आखिरी इच्छा पूरी करने निकले 25 पोते, पालकी में बिठाकर कराई कांवड़ यात्रा
कांवड़ यात्रा के दौरान आस्था, संस्कार और परिवार के समर्पण की तस्वीरें देखने को मिल रही हैं। इसी क्रम में 95 साल दादी की हरिद्वार में गंगा स्नान की वर्षों पुरानी इच्छा को उनके 25 पोतों ने श्रवण कुमार बनकर पूरा किया।
हापुड़, मुलित त्यागी
एक तरफ तीर्थ नगरी के वृद्ध आश्रम जहां बुजुर्ग मां-बाप का दर्द बयां करते हैं। वही ये कांवड़ यात्रा एक मिशाल कायम कर रही है। उम्र के 10 वे दशक में कदम रख चुकी वृद्धा के हरिद्वार गंगा नहाने के सपने को जेन जी की जेनरेशन ने श्रवण कुमार बनकर पूरा कराया है। यहां एक दो नहीं बल्कि 25 पोते अपनी दादी को हरिद्वार ले गए और स्नान करा कर पालकी से वापस ले जा रहे हैं।
वेस्टन कल्चर के चलते जहां वृद्ध आश्रमों में वृद्ध बढ़ रहे हैं वही भारतीय संस्कृति वृद्धों की सेवा सत्कार करने की भावना पैदा करती हैं। ऐसा ही नजारा कांवड़ यात्रा के दौरान जनपद हापुड में देखने को मिला जहां सावन की कांवड़ यात्रा में जहां डीजे की धुन, भव्य कांवड़ और शिवभक्तों का उत्साह हर किसी को आकर्षित कर रहा है, वहीं उत्तर प्रदेश के हापुड़ में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने लोगों की आंखें नम कर दी और आकर्षण का केंद्र बनकर सबको अपनी तरफ आकर्षित कर लिया।
95 वर्षीय सोन देवी पालकी में हाथ जोड़कर भोलेनाथ का जयघोष कर रही थीं और उनके करीब 25 पोते महाकाल की भक्ति में मगन होकर बारी-बारी से पालकी को अपने कंधों पर उठाकर आगे बढ़ रहे थे। नगर क्षेत्र के मेरठ रोड पर यह दृश्य देखते ही राहगीरों के कदम थम गए। लोगों ने उसके परिवार का वृद्धा के परिवार का सेवा और समर्पण देखा इसे आज के दौर की सबसे खूबसूरत तस्वीर बताया है।
पालकी में बैठकर ले गए हरिद्वार
जानकारी के अनुसार, बुलंदशहर के हसनपुर जागीर की रहने वाली सोन देवी की वर्षों से इच्छा थी कि वह हरिद्वार जाकर मां गंगा में स्नान करें और कांवड़ यात्रा का हिस्सा बनें। बुढ़ापे में उम्र के इस पड़ाव पर उनके लिए यह यात्रा संभव नहीं थी तो परिवार के युवाओं ने उनकी इच्छा को अपना संकल्प बना लिया। 'महाकाल ग्रुप' के नाम से यात्रा कर रहे करीब 25 पोतों ने दादी को हरिद्वार ले जाकर गंगा स्नान कराया और अब पालकी में बैठाकर गांव तक लेकर जा रहे हैं। पोतों का कहना है कि योगी सरकार ने कांवड़ यात्रा में जिस तरह के इंतजाम किए हैं, उससे किसी को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
महिला कांवड़ियां ने बच्चे को दिया जन्म
उधर, मेरठ-बागपत बाईपास पर हरिद्वार से कांवड़ लेकर गाजियाबाद लौट रही एक महिला कांवड़ियां ने जहां एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। चिकित्सकों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। डॉक्टरों के अनुसार प्रसव पीड़ा शुरू होने पर महिला को एंबुलेंस की मदद से पांचली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां सुरक्षित प्रसव कराया गया। महिला और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।


