2-2 उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव और मोर्चा अध्यक्ष, चुनाव से पहले टीम नितिन में UP की मजबूत हिस्सेदारी
बीजेपी की नई टीम का ऐलान हो गया है। इस टीम में उत्तर प्रदेश से आठ नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मदारियां दी गई हैं। विधानसभा चुनाव से पहले नितिन नवीन की टीम में यूपी की मजबूत हिस्सेदारी दिखी। इसके साथ समीकरण साधने की भी कोशिश की गई है।

भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को अपनी नई टीम की घोषणा कर दी है। नई टीम में उत्तर प्रदेश से आठ नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मदारियां दी गई हैं। विधानसभा चुनाव से पहले नितिन नवीन की टीम में यूपी की ताकतवर हिस्सेदारी दिखी। दो-दो उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव और मोर्चा अध्यक्ष यूपी से हैं।
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की इस नियुक्ति को सामाजिक और राजनीतिक समीकरण साधने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। खासतौर पर अन्य पिछड़ा वर्ग के नेताओं को प्रमुख जिम्मेदारी देकर पार्टी समाजवादी पार्टी ( सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण की काट तैयार करने की कोशिश करती दिखाई दे रही है।
पिछड़े वर्ग में पार्टी की पकड़ मजबूत करने में अमरपाल मौर्य की भूमिका
बीजेपी की नई टीम में रेखा वर्मा और प्रो. तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। रेखा वर्मा धौरहरा से 2024 में समाजवादी पार्टी के आनंद भदौरिया से हार गई थीं। रेखा वर्मा दो बार सांसद रही हैं और टीम नड्डा में भी उपाध्यक्ष थीं। तारिक मंसूर की बात करे तो वह एएमयू के वीसी थे। एमएलसी हैं और पहले भी उपाध्यक्ष थे। वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और बस्ती के पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी मिली है। डॉ. भोला सिंह और संगीता यादव को राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा भाजपा ने उत्तर प्रदेश के राज्यसभा सदस्य अमरपाल मौर्य को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा का अध्यक्ष बनाया है। अमरपाल मौर्य लंबे समय तक संगठन में सक्रिय रहे हैं और पिछड़े वर्ग में पार्टी की पकड़ मजबूत करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
मुस्लिम समुदाय के बीच संगठन की पहुंच बढ़ाने की रणनीति
अल्पसंख्यक समुदाय को संदेश देने की कोशिश के तहत कुंवर बासित अली को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। बासित अली उत्तर प्रदेश भाजपा में अल्पसंख्यक चेहरा रहे हैं। पार्टी के इस फैसले को मुस्लिम समुदाय के बीच संगठन की पहुंच बढ़ाने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
यूपी के आठ नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में स्थान
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश से आठ नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में जगह मिलना विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राज्य के महत्व को भी रेखांकित करता है। जानकारों की मानें तो भाजपा की कोशिश संगठनात्मक विस्तार के साथ-साथ अलग-अलग सामाजिक वर्गों में अपनी राजनीतिक पकड़ को मजबूत करने की है।


