गोरखपुर के इस कॉलेज से हटाए गए 18 टीचर, छात्रों ने दी आंदोलन की चेतावनी
गोरखपुर के सेंट एंड्रयूज कॉलेज से 18 शिक्षकों को निष्कासित कर दिया गया है। साथ ही फैशन डिजाइनिंग की कक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। कॉलेज प्रशासन के अनुसार शिक्षकों को उनके खराब प्रदर्शन के आधार पर हटाया गया है। वहीं, छात्रों ने इसे लेकर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

UP News: यूपी के गोरखपुर स्थित सेंट एंड्रयूज कॉलेज से 18 शिक्षकों को निष्कासित कर दिया गया है। साथ ही फैशन डिजाइनिंग (क्रिएटिव आर्ट एंड इनोवेटिव सेंटर) की कक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार फैशन डिजाइनिंग के शिक्षकों समेत विभिन्न विभागों के 13 शिक्षकों को उनके खराब प्रदर्शन के आधार पर हटाया गया है, जबकि एक शिक्षक पर महाविद्यालय विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने का आरोप है। वहीं, चार शिक्षकों का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इस निष्कासन को लेकर छात्र संयुक्त संघर्ष समिति और कॉलेज में ठन गई है।
शिक्षकों के निष्कासन के विरोध में छात्र संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसमें शिक्षकों की बहाली सहित विभिन्न मांगों को लेकर 8 अगस्त को आंदोलन की चेतावनी दी गई है। दूसरी ओर, महाविद्यालय प्रशासन का एक नोटिस भी वायरल हो रहा है, जिसमें प्रस्तावित प्रदर्शन को भ्रामक बताते हुए किसी भी प्रकार के आंदोलन की अनुमति से इनकार किया गया है। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान इन वायरल प्रेस रिलीज और नोटिसों की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
बिना किसी प्रक्रिया के हटाए गए शिक्षक
छात्र संयुक्त संघर्ष समिति की वायरल प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि नई प्राचार्य ने बिना पारदर्शी प्रक्रिया के विभिन्न विभागों के 18 शिक्षकों को सेवा से हटा दिया, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। समिति ने बीएड विभाग में नियुक्ति प्रक्रिया, 18 वर्षों से संचालित फैशन डिजाइनिंग को बंद किए जाने और अन्य शैक्षणिक मामलों में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया है। चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आठ अगस्त को आंदोलन किया जाएगा।
कॉलेज की प्रचार्या ने दी सफाई
वहीं, कॉलेज की प्राचार्या की ओर से वायरल नोटिस में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर 8 अगस्त को प्रस्तावित छात्र प्रदर्शन संबंधी खबर भ्रामक है। कॉलेज प्रशासन किसी भी प्रकार के आंदोलन या प्रदर्शन की अनुमति नहीं देता। किसी भी अनधिकृत गतिविधि या शिक्षण कार्य में बाधा डालने वाले आंदोलन में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में कॉलेज की प्रचार्या रैना निवेदिता सैमुअल ने बताया कि हटाए गए शिक्षकों में चार शिक्षकों का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। एक शिक्षक महाविद्यालय विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए थे, जबकि अन्य शिक्षकों को उनके कार्य निष्पादन (परफॉर्मेंस) के आधार पर हटाया गया है। जहां तक फैशन डिजाइनिंग का सवाल है, उस कोर्स का रिस्पॉन्स अच्छा नहीं चल रहा था।


