यूपी में बनेंगे 12 नए एक्सप्रेसवे, कनेक्टिविटी और रफ्तार को मिलेगी नई उड़ान
कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए यूपी सरकार एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट पर ध्यान केंद्रित कर रही है। भविष्य में 12 नए एक्सप्रेसवे का निर्माण होगा।वहीं, वर्तमान में 7 एक्सप्रेसवे संचालित हैं, वहीं, 3 निर्माणाधीन हैं।

कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट पर ध्यान केंद्रित कर रही है। भविष्य में 12 नए एक्सप्रेसवे का निर्माण होगा। प्रदेश में वर्तमान में 7 एक्सप्रेसवे संचालित हैं, वहीं, 3 निर्माणाधीन हैं। 12 नए एक्सप्रेसवे बनने के बाद एक्सप्रेसवे की संख्या 22 हो जाएगी। प्रदेश में 16 हवाई अड्डे संचालित हैं। इसमें 12 घरेलू और चार अंतरराष्ट्रीय हैं।
8 एयरपोर्ट का निर्माणाधीन हैं। जेवर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा शुरू होते ही यूपी 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे वाला पहला राज्य बन जाएगा। बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण के तहत 56,662 एकड़ भूमि अर्जित की जाएगी।
विकास के पथ पर ऐसे बढ़ा उत्तर प्रदेश
| मद | 2016-17 | 2024-25 |
|---|---|---|
| प्रति व्यक्ति आय | 61142 रुपये | 126,304 रुपये |
| बजट का आकार | 3.47 लाख करोड़ | 8.33 लाख करोड़ |
| पूंजीगत व्यय | 69.79 हजार करोड़ | 147.72 हजार करोड़ |
| सार्वजनिक ऋण से जीडीपी | 29.3 प्रतिशत | 28.0 प्रतिशत |
| कर राजस्व | 86,000 करोड़ | 2.09 लाख करोड़ |
| कारखानों की संख्या | 14,169 | 30,695 |
| निर्यात | 84,000 करोड़ | 1.86 लाख करोड़ |
बीते आठ वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था
13.30 लाख करोड़ (2016-17)
30 लाख करोड़ (2024-25)
36 लाख करोड़ की ओर अग्रसर (2025-27)
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर अप्रैल से दौड़ने लगेंगे वाहन
निर्माणाधीन लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर अप्रैल से वाहन दौड़ने लगेंगे। निर्माणकार्य लगभग अपने अंतिम चरण में है, स्कूटर इंडिया के पास एलिवेटेड रोड का कुछ ही हिस्सा ही बाकी है। इस हिस्से में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। एक्सप्रेस वे चालू हो जाने से लखनऊ से कानपुर तक सफर तय करने में लगने वाला तीन घंटे का समय सिमट तक 45 से -60 मिनट रह जाएगा, क्योंकि एक्सप्रेस वे पर वाहन 125 किमी की रफ्तार से दौड़ सकेंगे।
नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया(एनएचएआई) के रीजनल अफसर गौतम विशाल और पीडी नकुल प्रकाश वर्मा ने मीडिया संग लखनऊ से लेकर कानपुर तक एक्सप्रेस वे का जायजा लिया। कानपुर में बन रहे आउटर रिंग रोड को भी दिखाया। बताया कि एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक अप्रैल के पहले हफ्ते से शुरू होगा। इसका असर जल्द ही इकॉनमी और समाज पर दिखेगा। कानपुर आउटर रिंग रोड से कानपुर में भीड़ कम करने में मदद मिलेगी और ट्रैफिक तीन गुना तेज़ हो जाएगा।
वीडियो डिटेक्शन इंसिडेंट सिस्टम से लैस है एक्सप्रेसवे
एक्सप्रेसवे को पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के लिए एक स्ट्रेटेजिक ग्रोथ आर्टरी के तौर पर बनाया जा रहा है, जिससे लखनऊ-उन्नाव-कानपुर बेल्ट में तेज़ लॉजिस्टिक्स, सुरक्षित यात्रा और नए इन्वेस्टमेंट के मौके मिलेंगे। पीडी ने बताया कि लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे पर 63 पैन टिल्ट ज़ूम कैमरे हैं, जो ज़मीन पर किसी हरकत की साफ तस्वीर दिखा सकते हैं। सड़क पर किसी भी हादसे का पता लगाने के लिए वीडियो डिटेक्शन इंसिडेंट सिस्टम कैमरे लगे हैं। किसी भी हादसे की स्थिति में एंबुलेंस और हमारी आपदा प्रबंधन टीम घटनास्थल पर 10 मिनट में पहुंच जाएगी।
लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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