21 कंपनियों में मिलेंगी 10 हजार नौकरियां, योगी कैबिनेट से यूपी के युवाओं को मिली गुड न्यूज
यूपी में नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक में नियमावली-2025 को स्वीकृति दी गई। इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की गई है। ।
यूपी में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए योगी कैबिनेट से अच्छी खबर आई है। यूपी में जल्द ही 21 कपंनियों में 10 नौकरियां दी जाएंगी। इसको लेकर यूपी में उप्र वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) नीति-2024 की नियमावली तैयार की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक में नियमावली-2025 को स्वीकृति दी गई। इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की गई है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 21 कंपनियों ने इसमें निवेश प्रारंभ कर दिया है। इन कंपनियों में 10 हजार से अधिक नौकरियां मिलेंगी।
औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने बताया कि जीसीसी नीति बहुत लाभप्रद है और इससे उच्च कौशल आधारित निवेश बढ़ेगा। कैबिनेट से पास नियमावली तहत इन्वेस्ट यूपी को नोडल एजेंसी नामित किया गया है। यह नियमावली जीसीसी नीति-2024 के जारी होने की तिथि से प्रभावी मानी जाएगी और राज्य सरकार द्वारा संशोधन अथवा समाप्त किए जाने तक लागू रहेगी।
यूपी में बेहतर हुआ निवेश का माहौल
मंत्री ने कहा कि प्रदेश में निवेश का माहौल बेहतर हुआ है, जिससे निवेश करने के लिए उद्योग घराने व बहुराष्ट्रीय कंपनियां संपर्क में हैं। नियमावली के अनुसार जीसीसी का काम किसी भारतीय अथवा विदेशी कंपनी द्वारा स्थापित एक कैप्टिव इकाई होगी, जो सूचना प्रौद्योगिकी, अनुसंधान एवं विकास, वित्त, मानव संसाधन, डिजाइन, इंजीनियरिंग, एनालिटिक्स और नालेज सर्विसेज जैसे रणनीतिक कार्यों का निपटारा करना है। इन कार्यों की संस्त़ुति तकनीकी अध्ययन समूह (टीएसजी) करेगा। टीएसजी के अध्यक्ष इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी होंगे।
नियमावली में क्या-क्या हुआ शामिल
नियमावली में जीसीसी इकाइयों को आकर्षित करने के लिए कई तरह के वित्तीय प्रोत्साहन शामिल किए गए हैं। इनमें फ्रंट एंड लैंड सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी में छूट अथवा प्रतिपूर्ति, पूंजीगत सब्सिडी, ब्याज सब्सिडी, संचालन व्यय (ओपेक्स) सब्सिडी, पेरोल व भर्ती सब्सिडी, ईपीएफ प्रतिपूर्ति, प्रतिभा विकास व कौशल प्रोत्साहन, अनुसंधान व नवाचार प्रोत्साहन समेत साथ केस-टू-केस आधार पर विशेष प्रोत्साहन भी शामिल हैं। वित्तीय लाभ के अलावा जीसीसी इकाइयों को तकनीकी सहायता समूह, इंडस्ट्री लिंकेज सपोर्ट, विनियामक सहायता, आवेदन प्रकरणों का त्वरित निस्तारण, अनुमोदन व प्रोत्साहन वितरण की सुव्यवस्थित प्रक्रिया भी उपलब्ध कराई जाएगी।
केंद्र सरकार की योजनाओं का अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा
नियमावली में स्पष्ट किया गया है कि इसके तहत मिलने वाले सभी प्रोत्साहन व लाभ केंद्र सरकार की किसी भी योजना अथवा नीति के तहत मिलने वाले लाभों के अतिरिक्त होंगे। किसी विधिक विवाद की स्थिति में न्यायिक क्षेत्राधिकार केवल लखनऊ स्थित न्यायालयों का होगा। स्वीकृत प्रोत्साहन राशि का वितरण वित्त विभाग के नियमों व शासनादेशों के तहत होगा।

लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पिछले आठ सालों से काम कर रहे हैं। वह लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। कानपुर यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। पत्रकारिता में 13 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश की डिजिटल मीडिया और प्रिंट जर्नलिज्म में अलग पहचान है। इससे पहले लंबे समय तक प्रिंट में डेस्क पर भी काम किया है। कुछ सालों तक ब्यूरो में भी रहे हैं। यूपी और राजस्थान के सीकर जिले में भी पत्रकारिता कर चुके हैं। यूपी की राजनीति के साथ सोशल, क्राइम की खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाते हैं। वायरल वीडियो की फैक्ट चेकिंग में दिनेश को महारत हासिल है।
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