
CM नायडू ने कहा कि अगर सभी राजनीतिक दल राष्ट्रीय स्तर पर महिला आरक्षण पर सहमत नहीं हो पाते हैं, तो भी उनकी पार्टी यानी TDP इसे पार्टी के भीतर लागू करेगी और आंध्र प्रदेश विधानमंडल में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करेगी।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम (संशोधन) बिल को लेकर भाजपा का विपक्ष के प्रति आक्रोश जारी है। इन दिनों यूपी में इसको लेकर खासी सियासत छिड़ी है। भाजपा सदन से लेकर सड़क तक आंदोलन कर रही है।

महिला आरक्षण को लेकर विधानसभा के एक दिन के विशेष सत्र बुलाए जाने का बसपा चीफ मायावती ने स्वागत किया। इसी मामले पर एक सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होने बिल पढ़ा नहीं होगा या फिर बीजेपी ने गलत सूचना दी होगी।

महिला आरक्षण अधिनियम को लेकर बुलाए जा रहे विशेष सत्र पर कांग्रेस ने सरकार की तैयारी और मंशा दोनों पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने स्पष्ट कहा कि इतने महत्वपूर्ण विषय पर महज पांच घंटे की चर्चा पर्याप्त नहीं हो सकती।
यूपी विधानसभा के विशेष सत्र से पहले सीएम योगी ने सपा और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा के सत्ता में रहते हुए कहा जाता था कि 'देख सपाई, बिटिया घबराई'। सीएम ने कहा कि महिला आरक्षण बिल का विरोध करने वालों के खिलाफ आज सदन में निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा।
सपा नेता माता प्रसाद पांडे ने आरोप लगाया कि केंद्रीय स्तर पर विधायी एजेंडा विफल होने के बाद भाजपा जनता और महिलाओं को भड़काने का प्रयास कर रही है। पांडे ने कहा कि इस तरह के प्रस्ताव के लिए संविधान या विधानसभा की नियमावली में कोई प्रावधान नहीं है।
महिला आरक्षण पर उत्तराखंड में भी सियासत गर्मा गई है। सीएम पुष्कर धामी ने कविता के माध्यम से विपक्ष पर प्रहार किया। साथ ही मदरसा बोर्ड भंग करने के सवाल का भी जवाब दिया।
पीएम मोदी काशी में महिला जन आक्रोश रैली में शामिल हुए। इस दौरान उन्होने महिला को आरक्षण का हक दिलाने का वादा किया। और सपा-कांग्रेस को कोसा। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ दिनों पहले सपा कांग्रेस की वजह से हमारा प्रयास सफल नहीं हो पाया। मै आपको भरोसा देता हूं। आरक्षण लागू हो, इसमें कोई कसर नहीं छोडूंगा।
बसपा प्रमुख मायावती ने नेताओं-कार्यकर्ताओं को महिला आरक्षण मुद्दे पर गुमराह न होने और किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन से बचने की सलाह दी है। उन्होंने साफ किया कि पार्टी का स्टैंड 15 अप्रैल वाला ही रहेगा।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सीमा राजभर को समाजवादी महिला सभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त कर एक बड़ा राजनीतिक दांव चला है। अखिलेश ने इससे एक तीर से दो निशाना लगाने की कोशिश की है। प्रमुख जिम्मेदारी पीडीए के हाथों में सौंपी है और ओम प्रकाश राजभर के वोट बैंक में सेंधमारी की भी कोशिश की है।