
भारत सरकार की टेनकेएफपीओ परियोजना के तहत चनपटिया पंचायत में कुडवा मठिया किसान उत्पादक संगठन द्वारा मिर्चा चूड़ा उत्पाद का सफल लोकार्पण हुआ। यह कार्यक्रम स्थानीय किसानों के लिए रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक होगा। प्रबंध निदेशक अजय कुमार भारती ने स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन के महत्व पर जोर दिया।

पश्चिम चंपारण में बारिश के दौरान गंडक और अन्य नदियां तांडव मचाती हैं, जिससे एक तिहाई आबादी प्रभावित होती है। 18 वर्षों से ग्रामीण 2 किलोमीटर लंबी रिंग बांध की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक निर्माण नहीं हुआ। बाढ़ के कारण लोग विस्थापित हो रहे हैं और उन्हें सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में 5000 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए राजस्व कर्मी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। एक अन्य कर्मी को फर्जी रसीद काटने और धांधली के मामल में बर्खास्त किया गया है।

बेतिया, बेतिया कार्यालय बिहार राज्य खेल प्राधिकरण, पटना के ओर से आयोजित राज्य स्तरीय

एफआईआर में पुरैनिया गांव निवासी जिशान जुल्फेकार ने बताया है कि अभियुक्तों ने दो सौ लोगों के साथ हरवे हथियार से लैस होकर उनके फार्म हाउस चिउटाहा पहुंच गए। लोगों ने चहारदीवारी तोड़ दी। मवेशियों के साथ धान- गेहूं लूट लिए और फार्म हाउस में आग लगा दी।

पश्चिमी चंपारण के मैनाटाड़ में पहले बाल कटवाने के लेकर बवाल हो गया। दो पक्षों पहले मारपीट हुई। और फिर एक पक्ष के युवकों ने चाकू से हमला बोल दिया। जिसमें दो युवक घायल हो गए। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

बिहार के पहले स्पेशल इकनॉमिक जोन (विशेष आर्थिक जोन) बेतिया और बक्सर में बनाए जाएंगे। सरकार ने इसके लिए जमीन चिह्नित कर ली है। दोनों जगहों पर कुल 250 एकड़ की भूमि पर सेज बनाए जाएंगे, जहां पर उद्योग लगाने के लिए निवेशकों को कई आकर्षक सुविधाएं मिलेंगी।

बेतिया में गंडक नदी पर बनने वाले 29 किलोमीटर लंबे बिहार के सबसे बड़े पुल के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 1977 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। केंद्र से बिहार में सड़क और पुल की 4000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं मंजूर हुई हैं।

पश्चिम चंपारण में हरी सब्जियों के दाम बढ़ रहे हैं, जिससे गरीबों की थालियों से सब्जियां गायब हो गई हैं। चक्रवात के बाद खेतों में बाढ़ के कारण सब्जियों का उत्पादन कम हुआ है। हरी सब्जियां बाहर से आ रही हैं और कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे गरीबों को खाने में समस्या हो रही है।

सरकार ने पश्चिम चंपारण जिले में मच्छरगांवा नगर पंचायत का गठन किया है, लेकिन यहां के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। तीन वर्षों से हर घर नल की सुविधा बंद है, जिससे पानी की समस्या बढ़ गई है। वार्ड 2 के लोग सबसे अधिक परेशान हैं। स्वास्थ्य, जल निकासी और शौचालय की कमी भी गंभीर मुद्दे हैं।