
बदलती जीवनशैली और असंतुलित खानपान के कारण युवाओं में हड्डियों की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। जिला अस्पताल में हड्डी रोग से पीड़ित मरीजों की संख्या में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित व्यायाम, धूप, और संतुलित आहार से इन समस्याओं को नियंत्रित किया जा सकता है।

गठिया की बीमारी अब युवाओं में भी देखने को मिल रही है। विटामिन डी और कैल्सियम की कमी, खराब खानपान और जीवनशैली के कारण हड्डियों में कमजोरी आई है। हर साल 4 अगस्त को राष्ट्रीय अस्थि एवं जोड़ दिवस मनाया जाता है, जिससे हड्डियों और जोड़ों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।

शरीर में कमजोरी महसूस होना, हाथ या पैरों में झुनझुनी होना और हमेशा थकान रहना जैसे लक्षण विटामिन की कमी के कारण होते हैं। यहां हम 10 ऐसे साइन के बारे में बता रहे हैं जो शरीर में विटामिन बी 12 और डी 3 की कमी के कारण दिखते हैं। जानिए-

Gorakhpur News: गोरखपुर में आयोजित कार्यशाला में ऑस्टियो मलेशिया के बारे में बताया गया। यह बीमारी मुख्यतः कामकाजी और गृहिणियों को प्रभावित कर रही है। हड्डी रोग विशेषज्ञों के अनुसार, 20 से 35 वर्ष की महिलाएं इसके लिए सबसे अधिक संवेदनशील हैं। बच्चों में भी हड्डी के संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं।
लखनऊ के आलमबाग स्थित संयुक्त चिकित्सालय में थायराइड, डायबिटीज और विटामिन-डी जैसी महंगी जांचें निःशुल्क शुरू की गई हैं। पहले ये जांचें आउटसोर्स के माध्यम से कराई जाती थीं। अस्पताल में ही इन सेवाओं के शुरू होने से मरीजों को आर्थिक बोझ कम होगा और वे एक ही स्थान पर जांच व इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।
शाहजहांपुर के दयानंद योग केंद्र पर भारतीय योग संस्थान के अंतर्गत पांच दिवसीय हड्डी रोग निवारण शिविर का उद्घाटन हुआ। डॉ. सत्य प्रकाश मिश्रा ने हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए प्राकृतिक धूप और विटामिन-डी के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम में योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया गया।
ज्ञानपुर में हड्डी की बीमारियों में वृद्धि हो रही है। बुजुर्गों के अलावा युवा और बच्चे भी प्रभावित हो रहे हैं। सीएमओ ने बताया कि कैल्शियम और विटामिन डी की कमी से हड्डियों की समस्या बढ़ रही है। आरओ पानी के सेवन से खनीज पदार्थ की कमी हो रही है, जिससे हड्डियों की समस्याएं बढ़ रही हैं।
40 वर्ष की उम्र के बाद हड्डियों का निर्माण धीमा हो जाता है और क्षय बढ़ता है। इसके कारण हार्मोनल बदलाव, कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी, तथा खराब जीवनशैली हैं। महिलाओं में इस समस्या का अधिक प्रभाव देखने को मिलता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही उपचार के लिए चिकित्सकों से परामर्श करना आवश्यक है।
संतकबीरनगर, निज संवाददाता। 40 वर्ष की उम्र के बाद शरीर में हड्डियों का प्राकृतिक
खनीज पदार्थ की कमी से कमजोरी होती है हड्डी खनीज पदार्थ की कमी से कमजोरी होती है हड्डी खनीज पदार्थ की कमी से कमजोरी होती है हड्डी खनीज पदार्थ की कमी से