
सचिन तेंदुलकर के बालसखा और पूर्व क्रिकेटर विनोद कांबली काफी समय से बीमार है। वह बिना सहारे के सही से चल-फिर तक नहीं पा रहे लेकिन क्रिकेट को लेकर उनके प्यार और जुनून का आलम ये है कि वह मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स का मैच देखने के लिए रविवार को स्टेडियम पहुंच गए थे।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। उनके करीबी दोस्त ने हाल ही में खुलासा किया है कि कांबली के दिमाग में खून का थक्का बन गया है, जिसकी वजह से उन्हें ब्रेन स्ट्रोक का खतरा है।

विनोद कांबली लंबे समय से बीमार हैं। हालांकि, उनके छोटे भाई वीरेंद्र कांबली को उम्मीद है कि पूरी तरह ठीक हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि सचिन तेंदुलकर अक्सर उनके परिवार को फोन करके अपने दोस्त के सेहत की जानकारी लेते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके भाई ने कभी नहीं कहा कि वह सचिन से ज्यादा टैलेंटेड थे।

विनोद कांबली के छोटे भाई वीरेंद्र कांबली ने बताया कि वह अभी तक पूरी तरह से रिकवर नहीं कर पाए हैं और उन्हें ठीक से बोलने में भी दिक्कत हो रही है। भारत के लिए 104 वनडे और 17 टेस्ट खेलने वाले कांबली को 21 दिसंबर, 2024 को ठाणे के आकृति अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
न विराट कोहली और न ही सचिन तेंदुलकर, बल्कि सचिन के दोस्त के नाम है भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे अच्छा औसत। ये कोई और नहीं, बल्कि विनोद कांबली हैं, जिन्होंने 1000 से ज्यादा टेस्ट रन बनाए हैं।
विनोद कांबली को लोग एक ऐसे क्रिकेटर के तौर पर जानते हैं जो अनुशासन और फोकस की कमी से भटक गए। लेकिन एक वो भी दौर था जब कांबली ने पार्ट-टाइम जॉब का ऑफर इसलिए ठुकरा दिया कि उससे उनका क्रिकेट से ध्यान भटक जाएगा। वो भी तब जब साथ के ज्यादातर क्रिकेटर पार्ट-टाइम जॉब किया करते थे।
विनोद कांबली अचानक मिली लोकप्रियता की चकाचौंध में खो जाने के कारण अपना करियर लंबा नहीं खींच पाए। कांबली को लेकर योगराज सिंह ने हैरतअंगेज खुलासा किया है।
सर्वकालिक महान बल्लेबाजों में शुमार 'क्रिकेट के भगवान' सचिन तेंदुलकर 52 वर्ष के हो गए हैं। 24 अप्रैल 1973 को जन्मे क्रिकेट के इस बेशकीमती नगीने को उनके बचपन के कोच रमाकांत आचरेकर ने तराशा था। वह हर दिन फाइनल प्रैक्टिस सेशन में मिडल स्टंप पर एक रुपये का सिक्का रखा करते थे। जानिए वो दिलचस्प किस्सा।
विनोद कांबली की मदद को सुनील गावस्कर आगे आए हैं। गावस्कर के चैम्प्स फाउंडेशन से कांबली को हर महीने पैसे मिलेंगे। कांबली भारत के लिए 104 वनडे और 17 टेस्ट खेल चुके हैं।
पृथ्वी शॉ में कभी भविष्य का सचिन तेंदुलकर देखा गया था। कई एक्सपर्ट तो उसमें सचिन, ब्रायन लारा और सहवाग तीनों का ही मिश्रण देखते थे। लेकिन भारत को 2018 में अंडर-19 वर्ल्ड कप जिताने वाला कप्तान आज गुमनामी में खो गया है। एक पॉडकास्ट में मशहूर क्रिकेट एंकर तनय तिवारी ने शॉ को लेकर कई बातें कही है।