अमेरिका ने वेनेजुएला में जिस तरह केवल तीन घंटे के अभियान में ही राष्ट्रपति को पकड़कर युद्धपोत पर कैद दिया, वैसा अभियान चीन के लिए संभव ही नहीं है। अगर ऐसा होता तो वह कब का ताइवान पर कब्जा कर चुका होता।

ट्रंप ने नई सरकार को भी धमकाया है। ट्रंप ने आने वाले दिनों में वेनेजुएला के खिलाफ और सैन्य अभियानों की चेतावनी दी है। इससे पहले देश के सुप्रीम कोर्ट ने डेल्सी रोड्रिग्ज को वेनेजुएला का अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया था।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को धमकी देते हुए कहा है कि वह समझौता कर ले नहीं तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। अमेरिका सैकड़ों बार क्यूबा में तख्तापलट करने की कोशिश कर चुका है।

वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो अमेरिकी कानून का सामना कर रहे हैं। उनके इस केस की सुनवाई 92 साल के जज हेलरस्टीन कर रहे हैं, जिन्हें लगभग 28 साल से कोर्ट में सुनवाई करने का अनुभव है।

उसने कहा कि इसके बाद जो हुआ, वह लड़ाई नहीं, बल्कि नरसंहार था। उसने कहा कि हम सैकड़ों थे, लेकिन हमारे पास कोई मौका नहीं था। वे इतनी सटीकता और तेजी से गोली चला रहे थे, ऐसा लग रहा था जैसे हर सैनिक एक मिनट में 300 राउंड फायर कर रहा हो।

राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस फिलहाल अमेरिका में हैं। अमेरिकी सेना ने राजधानी काराकस और अन्य शहरों में सैन्य अभियान चलाकर उन्हें अगवा कर लिया। इन हमलों की दुनिया भर में निंदा हुई और चिंता जताई गई है।

अमेरिका ने चे ग्वेरा को मरवाया और 'भारत के दोस्त' फिदेल कास्त्रो की जान लेने की सैकड़ों कोशिशें कीं। जानिए आखिर 65 साल बाद भी दुनिया की महाशक्ति इस छोटे से देश के सामने लाचार क्यों नजर आती है।

वेनेजुएला में विपक्ष की नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरेना मचाडो अपना पुरस्कार ट्रंप को देने के लिए तैयार हो गई हैं। हालांकि, उनके बयान के बाद नोबेल पुरस्कार समिति ने ऐसा करने से इनकार किया है।

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है, और उसकी रिफाइनरियां वेनेजुएला के भारी कच्चे तेल को संसाधित करने में सक्षम हैं। 2019 से पहले भारत वेनेजुएला का प्रमुख खरीदार था। जानिए पूरा मामला क्या है?

वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को उनके घर से उठाने के बाद भी अमेरिका रहम दिखाने के मूड में नहीं है। शुक्रवार को अमेरिकी सैन्य बलों ने वेनेजुएला से जाने वाले एक और तेल टैंकर को अपने कब्जे में ले लिया। यह अब तक कब्जे में लिया गया पांचवा टैंकर है।