
(युवा पेज) एसपी जैन कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य प्रो. डॉ. राजेश कुमार सिंह ने बताया कि इस वर्ष बीबीए, बीसीए और बीएससी बायोटे

वोकेशनल कोर्स में एडमिशन के लिए लिये जा रहे आवेदन, इस बार यूजी और पीजी स्तरीय सभी वोकेशनल कोर्सेज में दाखिले के लिए एक प्लेटफॉर्म यानी समर्थ पोर्टल पर आवेदन विद्यार्थी कर रहे हैं। हालांकि यूजी और पीजी...

Ara News: विश्व जनसंख्या दिवस पर वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग में पौधारोपण और जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अहमद मसूद ने की, जिसमें कई शोधार्थी और छात्र शामिल हुए। यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण और जनसंख्या जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया गया।

आरा, निज प्रतिनिधि। आरा में शिक्षकों के शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) सेल का गठन किया गया है।
सासाराम, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। वर सिंह विश्वविद्यालय आरा के समर्थ पोर्टल के वेबसाइट www.vksuadm.samarth.edu.in पर 15 जुलाई
Ara News: आगामी 15 जुलाई तक यूजी और पीजी स्तरीय वोकेशनल कोर्स के लिए आवेदन करेंगे विद्यार्थी, आगामी 15 जुलाई तक विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आवेदन लिये जाएंगे।
-दोपहर बाद हुआ ठीक, अधिकतर कॉलेजों की सीटें पहली सूची में ही भर जाएंगी, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में स्नातक सत्र 2026-30 के सेमेस्टर वन (कला, विज्ञान एवं वाणिज्य) में नामांकन को लेकर अंतिम दिन...
आरा। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में शोधार्थी कुमुद पटेल के नेतृत्व में एक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान छात्रों को प्रोफेसर बहाली की नई नियमावली और उसकी कमियों से अवगत कराया गया। छात्रों ने अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने और पीएचडी के वेटेज में वृद्धि की मांग की।
वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में बोना फाइड जर्नलिस्ट सोसायटी द्वारा मुसहर समुदाय का सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में 160 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्राम स्तरीय सर्वेक्षण की वैज्ञानिक पद्धतियों व फील्ड वर्क में छात्रों को प्रशिक्षण देना था।
वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में अतिथि सहायक प्राध्यापकों ने कुलपति प्रो. शैलेन्द्र कुमार चतुर्वेदी से मिलकर अपने कार्यकाल के विस्तार की मांग की। उन्होंने बताया कि शिक्षण व्यवस्था की निरंतरता और विश्वविद्यालय की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए यह विस्तार आवश्यक है। शिष्टमंडल ने सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा जताई।