
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की पहली बैठक में 15 जून से केएसआरटीसी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में भारी बढ़ोतरी तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग विभाग गठन जैसे अहम फैसले लिए गए।

सतीशन इससे पहले कभी मंत्री नहीं रहे, लेकिन उनके सहयोगी उन्हें अनुशासित और मीडिया की समझ रखने वाला नेता बताते हैं। वहीं कांग्रेस के भीतर उनके आलोचकों का कहना है कि उनकी केंद्रीकृत कार्यशैली से कई बार गुटबाजी से जूझ रही पार्टी के वरिष्ठ नेता नाराज हुए।

सतीशन केरल की पिछली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे। केरल विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत के पीछे अहम भूमिका निभाने वाले सतीशन ने चुनाव से ठीक पहले वादा किया था कि अगर कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF निर्णायक जीत हासिल नहीं करेगा, तो वह 'राजनीतिक वनवास' ले लेंगे।

वेणुगोपाल को राहुल गांधी का करीबी माना जाता है और अंत में उन्हें संतोष करना पड़ा। इसके अलावा चेन्निथला भी सीएम की रेस से हट गए। इस तरह केरल की नई सरकार का रास्ता साफ हुआ, लेकिन कांग्रेस हाईकमान ने इसे अकेले सतीशन के हवाले नहीं किया है। उसने बैलेंस बनाकर चेन्निथला और वेणुगोपाल को भी महत्व दिया है।
कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे ने केरल में नए 21 सदस्यीय मंत्रिमंडल के गठन को अंतिम रूप दे दिया है। मुख्यमंत्री पद के लिए नामित वीडी सतीशन सोमवार को शपथ ग्रहण करेंगे। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को आज ही मंत्रियों की अंतिम सूची सौंपे जाने की संभावना है।
कांग्रेस की ओर से केरल के नए मुख्यमंत्री तय किए गए वीडी सतीशन ने पिनराई विजयन से उनके घर जाकर मुलाकात की है। पिनराई विजयन वही नेता हैं, जिनके खिलाफ वीडी सतीशन ने पूरे 5 साल जमकर आंदोलन किए और विरोध दर्ज कराया। लेकिन अब जब सरकार की बागडोर संभालने जा रहे हैं तो विजयन से मिलने उनके घर पहुंच गए।
केरल में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ को 140 सीटों में से 102 सीटों के साथ दो तिहाई से अधिक बहुमत मिला है। पार्टी को राज्य में 10 वर्षों के बाद सरकार बनाने का मौका मिला है। इस जीत में सतीशन की बड़ी भूमिका रही है।
सतीशन के राजनीतिक जीवन में सबसे बड़ा मोड़ 2021 में आया जब कांग्रेस ने उन्हें अप्रत्याशित रूप से विपक्ष का नेता चुना। उस समय कई लोगों को संदेह था क्योंकि उनके पास प्रशासनिक या मंत्री पद का अनुभव नहीं था।
वीडी सतीशन को सीएम बनाया जाएगा। कांग्रेस का यह फैसला अहम है क्योंकि मुख्यमंत्री बनने की रेस में राहुल गांधी के करीबी नेता केसी वेणुगोपाल भी थे। इस मसले पर तिरुअनंतपुरम से लेकर दिल्ली तक बैठकों का लंबा दौर चला और उसके बाद ही यह फैसला हो सका है।