
Sun Transit Mercury Rashifal Saturn Horoscope 2026 : वरूथिनी एकादशी पर 4 ग्रहों के एक ही राशि में विराजमान रहने से चतुर्ग्रही योग बन रहा है। शनि, बुध, मंगल और सूर्य ग्रह का गोचर कुछ राशियों की किस्मत चमका सकता है।

महीने में दो बार आने के कारण एकादशी का व्रत पूरे साल में 24 बार किया जाता है। इन्हीं में से एक वरूथिनी एकादशी है, जो वैशाख माह के कृष्ण पक्ष में आती है। इस दिन अगर अपनी राशि के मुताबिक दान और उपाय करेंगे, तो भगवान विष्णु जल्द ही प्रसन्न होते हैं।

वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को वरुथिनी एकादशी का व्रत रखा जाता है। साल 2026 में यह व्रत 13 अप्रैल दिन सोमवार को पड़ रहा है। इस दिन भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए विशेष उपाय करना अत्यंत शुभ माना जाता है, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता प्राप्त हो सकती है।

वरुथिनी एकादशी का व्रत रखने से संतान सुख, पारिवारिक खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। साथ ही, एकादशी के दिन तुलसी पूजन का खास महत्व होता है। अगर इस दिन तुलसी से जुड़े कुछ सरल उपाय कर लिए जाएं, तो जीवन की कई परेशानियां दूर हो सकती हैं।
varuthini ekadashi 2026: वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को वरुथिनी एकादशी कहा जाता है। इस बार यह पर्व 13 अप्रैल दिन सोमवार को इस दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की विशेष पूजा की जाती है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनाए रखने की कामना से किया जाता है।
Varuthini ekadashi vrat katha in hindi:वरूथिनी के व्रत से सदा सौभाग्य लाभ और पापकी हानि होती है। यह समस्त लोकोंको भोग और मोक्ष प्रदान करनेवाली है। वरूथिनी के ही ब्रत से मान्धाता और धुन्धुमार आदि अन्य अनेक राजा स्वर्गलोक को प्राप्त हुए हैं।
भगवान विष्णु को समर्पित वरुथिनी एकादशी वैशाख महीने के कृष्ण पक्ष में आती है और इसे काफी फलदायी व्रत माना जाता है। इस दिन भक्त उपवास रखकर भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और पूरे दिन सात्विक जीवनशैली अपनाते हैं। इस साल एकादशी की तारीख को लेकर लोगों में कन्फ्यूजन बना हुआ है।
वैशाख महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी को वरुथिनी एकादशी कहा जाता है, जो इस साल 13 अप्रैल को पड़ रही है। पूजा और व्रत के अलावा इस दिन दान का भी खास महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन दान करने से भगवान विष्णु की कृपा भक्तों पर रहती है।
Varuthini Ekadashi 2026: 13 अप्रैल 2026 को वरुथिनी एकादशी पर पंचक का साया है। पंचक लगने के कारण लोगों के मन में इसके प्रभाव को लेकर कई सवाल है। आइए जानते हैं वरुथिनी एकादशी पर पंचक काल का कैसा प्रभाव रहेगा
Ekadashi kab hai:वरुथिनी एकादशी का व्रत अत्यंत पुण्यदायी है। यह व्रत भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर है। इस दिन व्रत और पूजा करने से मनुष्य के जीवन से नकारात्मकता दूर होती है,