
गोला गोकर्णनाथ के खाटू श्याम मंदिर में उत्पन्ना एकादशी के अवसर पर श्रीश्याम दीवाने सेवा समिति द्वारा संकीर्तन कार्यक्रम आयोजित किया गया। भक्तगण जयकारों के साथ नाचते-झूमते रहे, और भजनों की मधुर स्वर लहरियों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। पौराणिक कथा का वर्णन करते हुए पुजारी संतोष पाठक ने सभी भक्तों को आशीर्वाद दिया।

बिहपुर, संवाद सूत्र। बिहपुर प्रखंड के मड़वा ब्रजलेश्वरनाथ धाम प्रांगण में रविवार को श्री-श्री 108

Aaj Ka Panchang 16 November 2025, Panchang Today : हिन्दू पंचांग का उपयोग प्राचीन काल से होता आ रहा है। पंचांग शब्द का अर्थ है , पांच अंगो वाला। पंचांग में समय गणना के पांच अंग हैं- वार, तिथि, नक्षत्र, योग और करण। आइए जानते हैं आज के शुभ, अशुभ मुहूर्त…

बिहपुर, संवाद सूत्र। प्रखंड के मड़वा स्थित बज्रलेश्वरनाथ धाम प्रांगण में शनिवार को श्री-श्री 108

रांची के श्री लक्ष्मी वेंकटेश्वर तिरुपति बालाजी मंदिर में शनिवार को 'उत्पन्ना एकादशी' के अवसर पर विशेष पूजा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भगवान का पूजन, आराधना और महाआरती की गई। फलाहारी पायस भंडारे में 1,167 लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

Utpanna Ekadashi 2025 paran muhurat time vidhi: मान्यताओं की मानें तो उत्पन्ना एकादशी का व्रत रखने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। वहीं, उत्पन्ना एकादशी की पूजा ही नहीं पारण का भी मुहूर्त देखा जाता है।

हिंदू धर्म में उत्पन्ना एकादशी का बहुत अधिक महत्व है। यह वही तिथि मानी जाती है जब स्वयं देवी एकादशी का प्राकट्य हुआ था। हर साल यह व्रत मार्गशीर्ष महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी पर रखा जाता है। इसे सभी एकादशी व्रतों की पहली और मुख्य एकादशी कहा जाता है, क्योंकि इसी दिन एकादशी माता का जन्म हुआ था।

Aaj Ka Panchang 15 November 2025, Panchang Today : हिन्दू पंचांग का उपयोग प्राचीन काल से होता आ रहा है। पंचांग शब्द का अर्थ है , पांच अंगो वाला। पंचांग में समय गणना के पांच अंग हैं- वार, तिथि, नक्षत्र, योग और करण। आइए जानते हैं आज के शुभ, अशुभ मुहूर्त…

Ekadashi Par Kya Daan Karna Chahiye : हिंदू धर्म में उत्पन्ना एकादशी का बहुत अधिक महत्व होता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान विष्णु की योगशक्ति से एकादशी देवी का प्राकट्य हुआ था, इसलिए यह एकादशी व्रत की शुरुआत करने के लिए भी सबसे शुभ दिन माना जाता है।

हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को अत्यंत शुभ और पवित्र माना गया है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है और मान्यता है कि एकादशी का व्रत सभी व्रतों में श्रेष्ठ फल देने वाला होता है। एकादशी व्रत की शुरुआत उत्पन्ना एकादशी से की जाती है, क्योंकि इसी दिन एकादशी देवी का प्राकट्य हुआ था।