
यूपी की टीजीटी और पीजीटी की नई भर्ती में अभ्यर्थियों को क्षैतिज आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। शिक्षा निदेशालय की ओर से UPESSC को भेजे गए टीजीटी के 17740 और पीजीटी के 2615 पदों पर क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान नहीं किया गया है।

शिक्षक भर्ती में आरक्षण विसंगति के विरोध में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने लखनऊ में बुधवार को प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने विधानसभा घेराव का प्रयास किया। अभ्यर्थियों को पुलिस ने रास्ते में रोक दिया।

सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्यों के 1475 और प्रधानाध्यापकों के 1172 कुल 2647 पदों पर भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को अधियाचन तो मिल गया है, लेकिन अब तक अर्हता ही तय नहीं हो सकी है।

यूपी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए शीर्ष अदालत से कहा है कि 2020 में भर्ती हुए 67867 शिक्षकों की नौकरी नहीं जाएगी। अगर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक नई मेरिट लिस्ट में कुछ नए कैंडिडेट पात्र पाए जाते हैं, तो उन्हें खाली पड़े पदों पर नियुक्ति दी जाएगी।
UP Teacher Recruitment 2026: उत्तर प्रदेश में 23,899 पदों पर नई शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। टीजीटी के 17740, पीजीटी के 2615 और सहायक अध्यापकों के 897 कुल 21252 रिक्त पदों का अधियाचन UPESSC को भेज दिया है।
यूपी के उच्च प्राथमिक स्कूलों में 29,334 विज्ञान व गणित शिक्षक भर्ती के 500 से अधिक बचे हुए अभ्यर्थियों को इसी महीने जिला आवंटन के साथ नियुक्ति मिलने जा रही है।
UPESSC के सदस्य योगेंद्र नाथ सिंह ने मेरठ का दौरा किया। बताया कि अगस्त में टीचरों के विभिन्न पदों के लिए विज्ञापन जारी होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि आयोग को संबंधित विभागों से अधियाचन प्राप्त होते ही भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
UP Primary Teacher Bharti: 69000 शिक्षक भर्ती में एक नंबर से पास हुए 2249 अभ्यर्थियों की नियुक्ति अब सुप्रीम कोर्ट में लंबित आरक्षण मामले के निपटारे के बाद ही शुरू हो सकेगी।
12460 सहायक अध्यापक भर्ती में एक दशक से नियुक्ति का इंतजार कर रहे सैकड़ों अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है क्योंकि नए निर्देशों के बाद गैर-जिले के करीब 600 प्रशिक्षु चयन प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं।
छात्रों का कहना है कि शिक्षक भर्ती की मेरिट तैयार करते समय हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, ग्रेजुएशन और बीटीसी/डीएलएड के अंकों को जोड़ा जाता है। लेकिन समय के साथ विभिन्न बोर्डों और विश्वविद्यालयों की मूल्यांकन प्रणाली में काफी बदलाव आया है।