
यूपी में चार हजार शिक्षक-शिक्षिकाओं की प्रवक्ता पद पर प्रमोशन फंसा हुआ है। नियमानुसार पांच साल की सेवा पूरी कर चुके शिक्षक-शिक्षिकाओं की हर साल रिक्त पदों के सापेक्ष प्रमोशन होनी चाहिए। इससे पहले महिला शाखा के दो विषयों की 59 शिक्षिकाओं का 2022 में प्रवक्ता पद पर प्रमोशन हुआ था।

यूपी के 25 हजार निजी माध्यमिक स्कूलों के 3.50 लाख शिक्षकों के लिए राहत की खबर है। इन टीचरों के लिए सेवा नियमावली बनाई जाएगी। अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इसके बाद बिना वाजिब कारण के शिक्षकों को नौकरी से नहीं हटाया जा सकेगा।

यह सेवा नियमावली बनने के बाद प्राइवेट स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे प्रबंधतंत्र की मनमानी पर रोक लगेगी। प्राइवेट स्कूलों में योग्य शिक्षकों की तैनाती का रास्ता साफ होगा। प्रबंधतंत्र को शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देना होगा और आधार लिंक बैंक खाते में वेतन देना होगा।

अमेठी में एक सहायक अध्यापक की लापरवाही उस पर भारी पड़ गई। चार बार निलंबिन के बाद भी सहायक अध्यापक की कार्यशैली में सुधार नहीं आया तो बीएसए ने उसे बर्खास्त कर दिया।
संभल के एक निजी स्कूल में कक्षा-1 के छात्र तैमूर अली को शिक्षिका द्वारा थप्पड़ मारने का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि थप्पड़ इतना जोरदार था कि छह वर्षीय बच्चे का एक दांत टूट गया। परिवार ने विद्यालय पहुंचकर विरोध जताया और आरोपी शिक्षिका के खिलाफ कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाली इस शिक्षिका ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि स्कूल से लौटते वक्त रास्ते में उसके साथ ऐसी घिनौनी हरकत हो सकती है। ‘छोटा’ हाथी के ड्राइवर ने शिक्षिका को अश्लील इशारे किए। वह गंदी हरकतें करने लगा।शिक्षिका के विरोध पर उसने स्कूटी में टक्कर मारकर उन्हें गिराने की कोशिश की।
यूपी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए शीर्ष अदालत से कहा है कि 2020 में भर्ती हुए 67867 शिक्षकों की नौकरी नहीं जाएगी। अगर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक नई मेरिट लिस्ट में कुछ नए कैंडिडेट पात्र पाए जाते हैं, तो उन्हें खाली पड़े पदों पर नियुक्ति दी जाएगी।
स्कूल के नियमों का हवाला देते हुए शिक्षिका ने आरोपी के छोटे भाई को समय से पहले भेजने से मना कर दिया। इससे नाराज युवक स्कूल का गेट फांदकर स्कूल में घुस गया और शिक्षिका के साथ गाली-गलौच करने लगा। आरोप है कि उसने मारपीट भी की। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
UGC Pay Scale : अब तक यह सुविधा केवल इंजीनियरिंग, कृषि, होटल मैनेजमेंट और फार्मेसी में संविदा पर तैनात असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिए थी। डीडीयू के इस निर्णय के बाद बीए-एलएलबी, प्रबंधन (मैनेजमेंट), बैंकिंग एंड इंश्योरेंस सहित अन्य स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में तैनात शिक्षक भी इस वेतनमान के पात्र होंगे।
राजकीय विद्यालयों के शिक्षकों के समायोजन के नाम पर जमकर मनमानी की गई है। ट्रांसफर आदेश में तमाम स्कूलों में उन विषयों के शिक्षकों की भी तैनाती कर दी गई जिन विषयों के एक भी छात्र नहीं है। इस मनमानी के खिलाफ शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं की हैं।