
पिछले महीने दरोगा भर्ती का परिणाम जारी हुआ है, जिसमें बागपत में तैनात 21 सिपाहियों ने भी यह परीक्षा पास की है। ये सभी सिपाही इन दिनों परेशान हैं। दरोगा बनने से पहले उन्हें आठ लाख रुपये सरकारी खजाने में जमा करने हैं।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस भर्ती में महिला अभ्यर्थी को लंबाई विवाद पर अंतरिम राहत दी। कोर्ट ने सीएमओ को उसकी लंबाई का पुनः मापन करने का आदेश दिया। अभ्यर्थी ने दावा किया कि उसकी ऊंचाई 152.1 सेंटीमीटर है, जबकि उसे अयोग्य ठहराया गया। इस मामले की सुनवाई 29 जून को होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा पूरी पारदर्शिता से चयनित 930 कंप्यूटर ऑपरेटरों (ग्रेड-ए) को नियुक्ति पत्र बांटे और ड्यूटी के दौरान रील न बनाने की सख्त हिदायत दी।

यूपी पुलिस भर्ती के लिए तीन दिनों तक आयोजित हुई सिपाही की परीक्षा में 24 प्रतिशत यानी लगभग एक चौथाई अभ्यर्थियों ने परीक्षा नहीं दी। अब तक 12 लोगों अफवाह फैलाने और अलग-अलग कारणों से केस दर्ज किया गया है। पांच को गिरफ्तार किया गया है।
उत्तर प्रदेश में ट्रेन में दम घुटने से कर्मचारी की मौत हो गई। सिपाही भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों की भारी भीड़ के कारण भटनी-वाराणसी सिटी मेमू में शिक्षा विभाग के एक कर्मचारी दम घुटने से अचेत हो गए थे।
औरैया में उत्तर प्रदेश आरक्षी नागरिक पुलिस भर्ती परीक्षा-2025 के लिए डीआईजी यमुना प्रसाद ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, जांच प्रक्रिया और परीक्षा की निष्पक्षता की समीक्षा की। अधिकारियों को पारदर्शिता और शुचिता के साथ परीक्षा संपन्न कराने के निर्देश दिए। कोतवाली औरैया का भी औचक निरीक्षण किया गया।
परीक्षा छूटने के बाद रेलवे फाटक के निकट लगा आंशिक रूप से जाम परीक्षा के बाद लगा आंशिक जाम,लोगों ने झेली दिक्कतें।परीक्षा के बाद लगा आंशिक जाम,लोगों ने
एक रेलगाड़ी दक्षिण दिशा से दस किमी पर मुड़तीएक रेलगाड़ी दक्षिण दिशा से दस किमी पर मुड़तीएक रेलगाड़ी दक्षिण दिशा से दस किमी पर मुड़तीएक रेलगाड़ी दक्षिण
लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा 2025 के पहले दिन सोमवार
ललितपुर में उत्तर प्रदेश नागरिक पुलिस आरक्षी एवं समकक्ष पदों की भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन 8 परीक्षा केंद्रों पर 4,771 परीक्षार्थियों ने भाग लिया। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी, और किसी को भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं थी।