
यूपी में चुनाव करीब हैं और इस वजह से राजनीतिक दलों में चुनावी वादों की रेस शुरू हो गई है। एक तरफ जहां योगी सरकार महिलाओं को बिहार की तर्ज पर बड़ी सौगात देने की तैयारी कर रही है। वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी अपनी ओर से ऑफर कर दिया है। कुल मिलाकर यूपी का चुनावी मुकाबला अब दिलचस्प होता जा रहा है।

चुनावी मौसम में 'हरिगढ़' कार्ड से वोट की फसल काटने की तैयारी हो रही है। अलीगढ़ का नाम बदलने के मामले में शासन ने प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इस पर राजनीति भी शुरू हो गई है।

यूपी में घोसी, दुद्धी और फरीदपुर 3 सीटों पर विधानसभा उपचुनाव नहीं होंगे। आयोग ने साफ किया है कि अब उपचुनाव नहीं कराए जाएंगे। इसके साथ आयोग ने उपचुनाव नहीं कराने की पीछे की वजह बताई।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने में अभी समय है। इससे पहले चर्चाएं शुरू हो गईं हैं कि क्या राज्य में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी मिलकर चुनाव लड़ेंगे? फिलहाल, दलों में इस पर सहमति नहीं बनी है।
फर्जी कोर्ट समन भेजने पर बसपा नेता और उनकी पत्नी समेत तीन पर केस दर्ज हुआ है। केस अधिवक्ता की तहरीर पर दर्ज किया गया है। बसपा नेता नवल किशोर नथानी ने 2023 में महापौर का चुनाव लड़ा था।
यूपी में इंडिया गठबंधन में शामिल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीटों को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। खुद अजय राय ने कांग्रेस को बरगद का पेड़ करार देते हुए सभी को छांव देने की बात कही तो सपा ने खुद को आम का पेड़ बताते हुए पलटवार किया है।
यह स्थिति तब है जब दोनों दलों ने 2024 के लोकसभा चुनावों में मिलकर जबरदस्त सफलता हासिल की थी। लेकिन आज, जमीनी स्तर पर दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता सहयोगी के बजाय एक-दूसरे को प्रतिद्वंद्वी की तरह देख रहे हैं।
लखनऊ, विशेष संवाददाता समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर एक
UP MLC Seats : जितिन प्रसाद ने 2024 में लोकसभा चुनाव जीतने के बाद एमएलसी पद से इस्तीफा दे दिया था। विधान परिषद के कार्यकारी सभापति ने 10 जून 2024 को सीट रिक्त घोषित कर दी थी। यह सीट तभी से खाली है। दो साल सेअधिक का समय बीत चुका है। सस्पेंस अब तक बरकरार है।
मिशन 2027 के तहत टिकट दिलाने के नाम पर ‘टोपी’ पहनाने का खेल जारी है। अलीगढ़ में कारोबारियों और नए चेहरों को सपने दिखाए जा रहे। ताला, हार्डवेयर, स्क्रैप कारोबारियों को टिकट दिलाने का ख्वाब दिखाया गया। पार्टी से जुड़े पूर्व पदाधिकारी ने फैलाया जाल।