
भदोही की एमपी-एमएलए कोर्ट ने पूर्व विधायक विजय मिश्र, उनकी पत्नी रामलली और बेटे विष्णु मिश्रा को रिश्तेदार की संपत्ति हड़पने के मामले में 10-10 साल की जेल की सजा सुनाई है। मामले में बहू रूपा मिश्रा को भी 4 साल की कैद हुई है।

सादाब और उसकी पत्नी निकहत निशा का शव उनके कमरे में मिला था। सादाब का शव पंखे से लटका हुआ था, जबकि पत्नी बिस्तर पर अचेत अवस्था में पड़ी थी। उसके मुंह से झाग निकलने की बात भी सामने आई थी। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू की थी।

पूर्व विधायक विजय मिश्रा समेत 4 आरोपियों को दोष सिद्ध करार दिया है। सजा पर फैसले के लिए 13 मई की तारीख नियत की है। विजय मिश्रा वर्तमान में आगरा जेल में बंद है, जबकि बलराम, संतराम और जीत नारायण जमानत पर रिहा थे। इन सभी की जमानत निरस्त कर हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में सोमवार देर रात हुए प्रॉपर्टी डीलर और शराब कारोबारी अतुल तोमर हत्याकांड में मृतक की मां की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मृतका की मां ने भाजपा के जिला मंत्री समेत चार नामजद और 4 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
कानपुर में इलाज के दौरान युवक की मौत के बाद 15 घंटे तक चले हाई वोल्टेज हंगामे ने देर रात हिंसक रूप ले लिया। अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाकर शव उठाने से इनकार कर रहे परिजनों को जब पुलिस समझाने पहुंची, तो आक्रोशित महिलाओं और तीमारदारों ने पुलिस टीम पर ही हमला कर दिया।
10 साल की बच्ची जिला एटा के कस्बा अवागढ़ स्थित सरकारी स्कूल में पढ़ती थी। वह 29 अप्रैल को अपनी मां से खेत में गेहूं बीनने की बात कहकर घर से निकली थी। देर शाम तक वह घर वापस नहीं लौटी मां सहित अन्य ग्रामीणों ने रात भर उसकी तलाश की थी लेकिन उसका कहीं कुछ पता नहीं चल सका।
पीड़िता ने SSP को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि उसका अपना पिता 4-5 साल से उसके साथ रेप कर रहा है। विरोध करने पर वह उसे जान से मारने और घर से निकालने की धमकी देता है। जब वह नाबालिग थी, तब उसने अपने बड़े भाई और परिवार के अन्य सदस्यों को इस बारे में बताया था, लेकिन किसी ने उस पर यकीन नहीं किया।
यूपी के बुलंदशहर कचहरी परिसर में दो पक्ष आमने-सामने आ गए। एक पक्ष ने फायरिंग कर दी। गोली लगने से कांग्रेस जिलाध्यक्ष के अधिवक्ता पिता और साला घायल हो गए। दोनों को जिला अस्पताल से हायर सेंटर रेफर किया गया है।
जिस बेटे का कत्ल हुआ उसका नाम दुष्यंत था। आखिर एक मां और पूरे परिवार ने मिलकर दुष्यंत की हत्या क्यों कराई? पिता और छोटे भाई ने पुलिस को बताया कि इसका कारण दुष्यंत की गलत हरकतें थीं। वह अपराधिक प्रवृत्ति का होने के साथ ही बेतहाशा नशा करता था। उसके चक्कर में परिवार की छह बीघा जमीन तक बिक चुकी थी।
यूपी के चंदौली जिले में 24 घंटे के भीतर चलती ट्रेनों में दो हत्याओं से सनसनी फैल गई है। पहली घटना तारीघाट पैसेंजर में हुई जहां युवक को गोली मारकर शव नीचे फेंक दिया गया। दूसरी वारदात कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस में हुई।