
उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के नेतृत्व में मुंबई में एसआईआर और सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मार्च निकाला गया। इसको लेकर देवेंद्र फडणवीस ने तंज कसा और उद्धव ठाकरे को गजनी बता दिया।

अभिजीत दीपके ने भी लोगों से अपील की थी कि वे शुक्रवार को शिवाजी पार्क में CJP के विरोध प्रदर्शन में सिर्फ तिरंगा लेकर आएं और उद्धव ने भी अपनी पार्टी की तरफ से इसे समर्थन दिया था।

मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कहा है कि सभी पार्टियों को इस प्रदर्शन में हिस्सा लेने का न्योता दिया जाएगा। ठाकरे बंधुओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी के ‘जेल भरो आंदोलन’ को भी समर्थन देने का ऐलान किया।

कांग्रेस पार्टी से नाराज चल रही डीएमके ने अपने पत्ते खोलने शुरू कर दिए हैं। डीएमके सांसद ने पार्टी के अन्य नेताओं सहित शनिवार को उद्धव ठाकरे से मुलाकात की। ठाकरे गुट के सांसद अनिल देसाई के मुताबिक दोनों पार्टियों के बीच में परिसीमन के मुद्दे पर बात हुई।
पीएम मोदी ने शुक्रवार को ममता बनर्जी की टीएमसी और उद्धव ठाकरे की शिवसेना के बागी सांसदों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सांसदों से कहा कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। वह उनके साथ खड़े हुए हैं।
उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि शिवाजी महाराज ने अपनी कम उम्र के बावजूद मुगल साम्राज्य को चुनौती दी थी। आवाज उठाने और अन्याय के खिलाफ बोलने पर आज के युवाओं को छोटा या कमतर नहीं आंका जाना चाहिए।
26 जुलाई को मुंबई में होने वाले MNS के प्रदर्शन से पहले राज ठाकरे ने असामाजिक तत्वों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा कि शांतिपूर्ण मोर्चे में खलल डालने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
6 बागी सांसदों के एकनाथ शिंदे की अगुआई वाली शिवसेना में विलय को मंजूरी देने वाले लोकसभा स्पीकर के फैसले के खिलाफ शिवसेना (UBT) सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने शिवसेना यूबीटी के छह सांसदों के शिवसेना शिंदे गुट में विलय को मंजूरी दे दी है। टीएमसी से अलग होकर एनसीपीआई में विलय करने वाले 20 सांसदों के लिए लोकसभा में अलग सिटिंग को भी अनुमति दी है।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि 20 जुलाई को जब सीजेपी नई दिल्ली में संसद तक मार्च निकालेगी, तो उसी दिन शिवसेना (UBT) भी महाराष्ट्र में प्रदर्शन कर इस आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताएगी। मॉनसून सत्र के दौरान भी इस मुद्दे को उठाएंगे।