
ममता बनर्जी की TMC से विधायकों और सांसदों के टूटने के बाद अब उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी पर खतरा मंडराने लगा है। इस बीच, अखिलेश यादव की सपा पर ओम प्रकाश राजभर के दावे से यूपी की सियासत में हड़कंप मच गया है।

महाराष्ट्र के महायुति में भाजपा, शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी शामिल हैं। शिवसेना के मंत्रियों ने इसी मंगलवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में हिस्सा नहीं लिया था। इस बैठक में अकेले एकनाथ शिंदे ही गए थे और चुपचाप बैठे रहे। अन्य सभी मंत्री मुख्यमंत्री कार्यालय में देवेंद्र फडणवीस का इंतजार कर रहे थे।

चर्चाएं तेज हैं कि क्या एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य एक मंच पर नजर आएंगे। दरअसल 14 अगस्त को मुंबई के वर्ली में बीडीडी चॉल पुनर्विकास योजना के पहले चरण के तहत 556 लाभार्थियों को घर की चाबियां दी जानी हैं। इस आयोजन में सीएम देवेंद्र फडणवीस रहेंगे।

राउत ने कहा कि चचेरे भाइयों के बीच सुलह के बाद से उद्धव की शिवसेना और मनसे के कार्यकर्ताओं को विश्वास है कि गठबंधन मुंबई, पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, ठाणे और कल्याण-डोंबिवली के नगर निकायों में बहुमत हासिल करेगा। राज ठाकरे 2005 में अपने चचेरे भाई से मतभेद के चलते शिवसेना से अलग हो गए थे।
पवार परिवार में पावर की जंग कम हुई और एकता स्थापित होती है तो फिर यह बड़ा उलटफेर होगा। इस उलटफेर को यूं भी बल मिला है क्योंकि सुप्रिया सुले का कहना है कि परिवार के तौर पर हमारे रिश्ते कभी खराब नहीं रहे। सुप्रिया सुले के इस अच्छे रिश्तों वाले बयान से भी एकता की अटकलें लग रही हैं।
महेश मांजरेकर ने सवाल पूछा था कि क्या दोनों ठाकरे बंधु साथ आ सकते हैं। इस पर राज ठाकरे ने कहा, ‘मेरे लिए महाराष्ट्र का हित सबसे अहम है। उसके बाद ही किसी और चीज का स्थान आता है। उसके लिए मैं किसी भी मतभेद को भुलाने और उद्धव ठाकरे के साथ काम करने के लिए तैयार हूं।’
भाजपा की दलीलों पर उद्धव ठाकरे ने तंज कसा है। महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगियों द्वारा मुसलमानों के प्रति दिखाई गई ‘चिंता’ मुहम्मद अली जिन्ना को भी शर्मिंदा कर देगी। यदि भाजपा मुसलमानों के हित की बात कर रही है और हम खिलाफ हैं तो फिर बताइए कि हिंदुत्व किसने छोड़ा है।
12 नवंबर को एकनाथ शिंदे गुट के केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव डिनर दिया था। उसमें भी उद्धव ठाकरे के कई सांसद पहुंचे थे। इन सभी को लेकर उद्धव ठाकरे गुट ने आपत्ति जताई है। दरअसल उद्धव खेमे का कहना है कि शरद पवार की ओर से एकनाथ शिंदे को सम्मानित करना एक तरह से उनके गुट को वैधता प्रदान करना है।
राउत ने कहा, 'बालासाहेब हिंदुओं और मराठी माणुस के लिए भगवान जैसे हैं। राम मंदिर उन्हीं के प्रयासों से बन रहा है। कई हिंदू संगठनों की ओर से मांग की जाती रही है कि बालासाहेब ठाकरे को भारत रत्न दिया जाए। इसलिए हम आज मांग करते हैं कि पीएम मोदी 26 जनवरी को उन्हें भारत रत्न देने का ऐलान कर दें।'
उद्धव सेना ने तो अपने मुख पत्र सामना में संपादकीय लिखकर कांग्रेस को 'अटल नसीहत' दी है। उद्धव सेना का कहना है कि कांग्रेस बिलकुल भी संवाद नहीं कर रही है और INDIA अलायंस एकदम ठंडा पड़ा है। उद्धव सेना ने कहा कि इन्हीं हालातों में उमर अब्दुल्ला को कहना पड़ा कि INDIA अलायंस लोकसभा चुनाव तक के लिए ही था।