
1980 के दशक के आखिर में, सचिन को खुद मुंबई के मैदानों पर असाधारण टैलेंट दिखाने के बाद इंडियन टीम में जल्दी शामिल कर लिया गया था। दूसरी ओर, वैभव सूर्यवंशी ने एज-ग्रुप क्रिकेट से अपना नाम बनाया।

ICC ने भारत की U19 वर्ल्ड कप विजेता टीम के तीन खिलाड़ी - वैभव सूर्यवंशी, कनिष्क चौहान और हेनिल पटेल - को चुना गया है। वहीं कप्तान आयुष म्हात्रे आईसीसी की इस टीम में नहीं है।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब जीतने वाली टीम इंडिया के लिए प्राइज मनी का ऐलान कर दिया है। भारत ने इंग्लैंड को फाइनल में 100 रन से हराकर ट्रॉफी जीती।

भारतीय क्रिकेट के लिए पिछला कुछ समय किसी स्वर्णिम युग से कम नहीं रहा है। विश्व क्रिकेट के पटल पर अपनी धाक जमाते हुए भारत ने पिछले तीन सालों के भीतर एक के बाद एक पांच प्रमुख आईसीसी (ICC) खिताबों पर कब्जा किया है। इन पांच ट्रॉफियों में से चार विश्व कप के खिताब हैं।

भारत को अब तक 6 कप्तानों ने अंडर-19 विश्व का खिताब दिलाया है। 6 में से 3 कप्तानों को टीम इंडिया में खेलने का मौका मिला है जबकि दो अनलकी रहे हैं। आयुष म्हात्रे के साथ क्या होगा यह वक्त बताएगा। विराट कोहली और मोहम्मद कैफ का भारतीय क्रिकेट में बड़ा नाम है।

वैभव सूर्यवंशी के पिता संजीव सूर्यवंशी ने टीम इंडिया के U-19 विश्व कप जीतने पर खुशी जताई। उन्होंने पूरी टीम के खेल की सराहना की। साथ ही, वैभव सूर्यवंशी की पारी को ऐतिहासिक भी करार दिया। टीम की जीत के बाद मीडिया से बात करते हुए संजीव के चेहरे पर चमक और खुशी साफ देखी जा रही थी। उन्होंने क्या कहा जानिए

हर आईसीसी टूर्नामेंट जीतने पर आईसीसी विनिंग टीम को प्राइज मनी देता है। मगर अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीतने वाली टीम इंडिया को आईसीसी ने कोई प्राइज मनी नहीं दी। आईए इसके पीछे की वजह जानते हैं-

जिम्बाब्वे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में शुक्रवार (6 फरवरी) को भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को हराकर खिताब अपने नाम किया। प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट अवार्ड किसे दिया गया, जानिए।

वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप में खूब तबाही मचाई। फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 175 रनों की धुआंधार पारी खेलने वाले वैभव टूर्नामेंट में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे।

भारतीय टीम को वैभव सूर्यवंशी के रूप में एक विस्फोटक बल्लेबाज मिला है। वैभव की अगुवाई में भारतीय टीम ने इंग्लैंड को फाइनल में 100 रनों से हराकर धमाकेदार अंदाज में जीत हासिल की। वैभव ने 14 साल की उम्र में कई बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है।