
कार्तिक मास में तुलसी स्रोत का पाठ बहुत फलदायी माना जाता है। वैसे तो इसे एकादशी और द्वादशी के दिन इसका पाठ बहुत फलदायी माना जाता है। जिस घर में तुलसी का स्तोत्र लिखा हुआ रहता है, उसका कभी अशुभ नहीं होता, उसका सब कुछ मंगलमय होता है।

Krishna puja with shankh, tulsi: शास्त्रों में कहा गया है कि जो मनुष्य तुलसी की मंजरियों से भगवान की पूजा करता है, वह मोक्ष का भागी होता है। जो तुलसी का पौधा लगाकर उसके पत्तों से पूजा करता है, वह बैकुंठ धाम को आता है।

एकादशी और द्वादशी में तुलसी स्त्रोत का बहुत अधिक महत्व बताया गया है। अगर आप रात में जागरण कर रहे हैं, इसका पाठ जरूर करें। इससे भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। यहां आप संपूर्ण तुलसी स्त्रोत का पाठ कर सकते हैं।