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Tirchi Najar Hindustan Column की खबरें

  • सुधीश पचौरी हिंदी साहित्यकार

    कब से कहता आ रहा हूं कि साहित्य के नाम पर दिए जाने वाले सम्मानों-वम्मानों को बंद करो। सम्मान से होता क्या है? मुझे तो हर सम्मान अपना पर्सनल अपमान लगता है। इसीलिए कोई देता भी है, तो नहीं लेता। अब...

    Sat, 06 Oct 2018 11:28 PM IST Tirchi Najar Hindustan Column
  • सुधीश पचौरी हिंदी साहित्यकार

    यह हिंदी साहित्य का स्वर्ण-युग है, जो मंगलाचरण से दंगलाचरण के युग में दाखिल हो गया है। अतीत के लेखक भी क्या लेखक थे? दिन-रात मंगलाचरण में लगे रहते। हर समय ऊंचे-ऊंचे सिद्धांत बघारते। एक से एक हेतु...

    Sat, 04 Aug 2018 11:53 PM IST Tirchi Najar Hindustan Column
  • सुधीश पचौरी हिंदी साहित्यकार

    हिंदी में सभी लेखक उत्कृष्ट कोटि के, उच्च कोटि के, महान कोटि के कहलाते हैं। आज तक एक भी ऐसा आलोचक नहीं हुआ, जिसने किसी रचनाकार को घटिया या निकृष्ट कोटि का बताया हो।  जहां सब कुछ अच्छा-अच्छा...

    Sun, 29 Jul 2018 01:38 AM IST Tirchi Najar Hindustan Column
  • सुधीश पचौरी हिंदी साहित्यकार

    दिल्ली अपने साहित्यकारों को भूलने लगी है। अब न कोई शताब्दी मनाता है, न बरसी। ़दिल्ली में सन्नाटा है। यह वर्ष प्रगतिवादी आलोचक शिवदान सिंह चौहान का शताब्दी वर्ष है, लेकिन दिल्ली अब तक खामोश...

    Sun, 22 Jul 2018 01:36 AM IST Tirchi Najar Hindustan Column
  • सुधीश पचौरी हिंदी साहित्यकार

    इन दिनों हिंदी में सबसे ज्यादा चलने वाला शब्द है ‘सरोकार’। पिछले 30-40 साल से यह धड़ल्ले से चल रहा है। कवि के सरोकार, कथाकार के सरोकार, आलोचक के सरोकार, इनके सरोकार, उनके सरोकार। ऐसे...

    Sat, 14 Jul 2018 11:05 PM IST Tirchi Najar Hindustan Column
  • सुधीश पचौरी हिंदी साहित्यकार

    देवदत्त पटनायक ने अंग्रेजी में लिखी मेरी हनुमान चालीसा  देखते-देखते हिट हो गई। फिर हिंदी में आई, और क्या बात कि यह भी हिट हो गई। मैं अंदर ही अंदर ईष्र्या के मारे जल-भुन रहा हूं। लेखक का काम ही...

    Sun, 08 Jul 2018 01:44 AM IST Tirchi Najar Hindustan Column
  • सुधीश पचौरी हिंदी साहित्यकार

    आपके लेखन का उद्देश्य क्या है? ठोकना। किसे ठोकना? जो अपने को कुछ ज्यादा समझता हो। ऐसा कौन है, जो खुद को ज्यादा न समझे? तो सभी को ठोकना है। आप सबसे नाराज हैं क्या? सबको प्यार करता हूं, इसीलिए...

    Sat, 30 Jun 2018 11:27 PM IST Tirchi Najar Hindustan Column
  • तिरछी नजर

    इतनी सारी कविताएं हैं, फिर भी न कोई नाम है, न पता, न पहचान। वे मेले में खोए हुए बच्चे की तरह हैं, जिन्हें अपना नाम तक नहीं मालूम। जिस समाज में हर चीज का ‘नामकरण’ किया जाता हो, हर बंदे का...

    Sun, 17 Jun 2018 12:45 AM IST Tirchi Najar Hindustan Column
  • हिन्दुस्तान

    जब से खबर आई है कि अंग्रेजी के लेखक चेतन भगत कोे अमेजन ने एडवांस में छह किताब लिखने के लिए बुक किया है, तभी से हर रोज इंतजार करता रहता हूं कि कभी अपने भी दिन फिरेंगे। एक दिन ऐसा आएगा कि कोई अमेजन की...

    Sun, 06 May 2018 12:59 AM IST Tirchi Najar Hindustan Column
  • सुधीश पचौरी, हिंदी साहित्यकार

    हिंदी साहित्य क्या है? पूरा ‘जुरासिक पार्क’। भांति-भांति के जीव-जंतुओं वाले इस पार्क में साहित्य की कई पीढ़ियां अपने-अपने पीढ़े जमाए बैठी हैं। कई जीव पाषाण युगीन नजर आते हैं। कई कृषि युगीन,...

    Sat, 14 Apr 2018 11:57 PM IST Tirchi Najar Tirchi Najar Hindustan Column
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इंटर के बाद क्या करोगे

फूफा जी: बेटा इंटर के बाद आगे क्या करोगे..

भतीजा: बीटेक के लिए फॉर्म डाल रहा हूं, देखो क्या होता है..

फूफा जी: अगर रैंक अच्छी नहीं आई तो..

भतीजा: तो फिर कहीं से सिंपल ग्रेजुएशन कर लेंगे..

फूफा जी: अच्छा मान लो इंटर में बाई चांस लटक गए तो?

भतीजा: तो फिर एक मर्डर करेंगे, एक रिश्तेदार का.. हमारी कुण्डली में लिखा है..