
जमशेदपुर में थायरॉयड रोग मुक्त परिवार के तहत मल्टी-सेंट्रिक ट्रायल ड्राइव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में डॉक्टरों ने थायरॉयड, हठयोग और राजयोग के संबंध पर चर्चा की। 40 सैंपल एकत्र किए गए और हठयोग एवं राजयोग सत्र भी आयोजित किए गए। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

साहिबगंज के सदर अस्पताल की सेंट्रल लैब में केमिकल की कमी के कारण पिछले पांच दिनों से थाइराइड की जांच बंद है। मरीजों को निजी क्लिनिकों में अधिक शुल्क पर जांच कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। लैब टेक्नीशियन ने बताया कि अगले एक-दो दिनों में केमिकल आने पर जांच शुरू हो जाएगी।

रतनी, निज संवाददाता। शिविर में मेडी हार्ट हॉस्पिटल, पटना के चिकित्सक डॉ. प्रशांत चंद्र सिंहा के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने कुल 110 मरीजों का नि:शुल्क इलाज किया।

लोग सालों-साल दवाइयां लेते रहते हैं, लेकिन फिर भी उनका थायरॉइड कंट्रोल नहीं होता। गुड न्यूज ये है कि थायरॉइड को नेचुरली ठीक किया जा सकता है, अगर एक महीने तक आप लगातार कुछ चीजें फॉलो करें। योग एक्सपर्ट मल्लिका ने ऐसी ही 3 टिप्स शेयर की हैं, आइए जानते हैं।
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जिला अस्पताल में अब थायराइड जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। शासन ने आवश्यक मशीन अस्पताल को दी है, जिससे मरीजों को निजी लैब में महंगी जांच नहीं करानी पड़ेगी। इससे गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को समय पर जांच और इलाज की सुविधा मिलेगी। अस्पताल प्रशासन जल्द ही मशीन स्थापित कर जांच शुरू करेगा।
जिले के सरकारी अस्पतालों में थायराइड की जांच की सुविधा न होने से मरीज प्राइवेट लैब का सहारा लेने को मजबूर हैं। इससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. विजेन्द्र कुमार ने प्रशासन से जिला अस्पताल और सीएचसी पर थायराइड जांच शुरू करने की मांग की है, ताकि मरीजों को राहत मिल सके।
केजीएमयू के जनरल सर्जरी विभाग के स्थापना दिवस से पूर्व आयोजित सेमिनार में विशेषज्ञों ने बंद और पत्ता गोभी का अत्यधिक सेवन करने वालों को चेतावनी दी। थायराइड की समस्याएं वाले लोगों को इन सब्जियों का सेवन सीमित करना चाहिए। डॉ. कुशाग्र गौरव ने कहा कि आयोडीन की कमी वाले क्षेत्रों में यह समस्या और बढ़ सकती है।
50 शैय्या अस्पताल में अब मरीजों की विटामिन डी और थायरायड की जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। अस्पताल की लैब में नई मशीन मंगाई गई है, जिससे मरीजों को जिला मुख्यालय और निजी पैथॉलॉजी में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यह नई मशीन इम्यूनोफ्लोरेंसेन्स क्वांटिटेटिव एनालाइजर है।
थायराइड हार्मोन बनाकर शरीर के मेटाबॉलिज्म, एनर्जी लेवल और हार्ट रेट को नियंत्रित करती है। बढ़े हुए थायराइड लेवल को खतरनाक माना जाता है, लेकिन क्या इसका लेवल कम होना भी समस्या बन सकता है? इस आर्टिकल में जानिए।