
सीबीआई जांच कर रही है कि रैली के दौरान भीड़ नियंत्रण के क्या इंतजाम किए गए थे, विजय के कार्यक्रम और उनके पहुंचने के समय का घटनाक्रम क्या था। साथ ही, पार्टी आयोजकों और स्थानीय प्रशासन के बीच कैसा तालमेल था।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय सी. जोसेफ के ऊपर डीएमके ने जमकर निशाना साधा है। विजय के आरोपों का जवाब देते हुए डीएमके नेता ने कहा कि तत्कालीन सरकार ने लोगों की जान बचाने की कोशिश की थी, जबकि विजय केवल भीड़ बढ़ाने में लगे हुए थे।

Thalapathy Vijay: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय और TVK नेताओं के खिलाफ DMK ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है। याचिका में विजय और पार्टी नेताओं को करूर भगदड़ मामले पर सार्वजनिक बयान देने से रोकने की मांग की गई है।

अनुमति पत्र में रैली स्थल पर कानून व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और कार्यक्रम स्थल के उचित रखरखाव को सुनिश्चित करने समेत कुल 84 शर्तें लगाई हैं। पुलिस ने एक शर्त यह भी रखी है कि रैली सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक ही करनी होगी।
PMO की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल जल्द ठीक हो जाएं।’ प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि पीएमएनआरएफ से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की सहायता राशि और घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।
आंध्र प्रदेश के कासीबुग्गा में वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भगदड़ मचन से कम के कम 10 लोगों की मौत की खबर है। इस भगदड़ में एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि आंकड़ा बढ़ने की आशंका है।
करूर में ऐक्टर विजय की रैली के दौरान मची भगदड़ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच का आदेश दे दिया है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की निगरानी में यह जांच की जाएगी। एससी ने हाई कोर्ट का फैसला पलट दिया है।
टीवीके की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सी ए सुंदरम ने भी दलील दी कि हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मामले की सुनवाई के लिए एक विशेष पीठ को अधिकृत कर सकते थे, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ।
पिछले हफ्ते तमिलनाडु के करूर में अभिनेता से नेता बने विजय की रैली में हुई जानलेवा भगदड़ की जांच के लिए मद्रास हाई कोर्ट ने वरिष्ठ IPS अधिकारी असरा गर्ग के नेतृत्व में एक विशेष जाँच दल गठित करने का आदेश दिया है।
अभिनेता से नेता बने विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पर हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि मेरे खिलाफ चाहे जो भी करना होगा करें, लेकिन कार्यकर्ताओं और समर्थकों के खिलाफ कुछ न करें।