
सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शारा अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर बर्लिन पहुंचे हैं। वह चांसलर मर्ज और राष्ट्रपति स्टीनमीयर से मुलाकात करेंगे। इस यात्रा का मुख्य एजेंडा मध्य पूर्व युद्ध, सीरिया का पुनर्निर्माण और जर्मनी में रह रहे सीरियाई शरणार्थियों की वापसी है। हालांकि, इस यात्रा का विरोध भी हो रहा है।

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर कालिबाफ ने कहा कि ईरान सीरिया या वेनेजुएला की तरह नहीं झुकेगा। उन्होंने पड़ोसी देशों में विदेशी सैन्य ठिकानों की आलोचना की और कहा कि ईरान अपनी रक्षा के लिए मजबूर है। ईरान युद्ध में पीछे नहीं हटेगा और दुश्मन की गलती स्वीकारने तक युद्धविराम को स्वीकार नहीं करेगा।

नई दिल्ली, एजेंसी। मध्य पूर्व में ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले

- प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने किया इंकार - आतंकी संगठन ‘आईएस’ से कथित संबंध होने
अमेरिकी सेना ने सीरिया में आईएसआईएल के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। यह कार्रवाई पिछले वर्ष दिसंबर में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद की गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, 3 से 12 फरवरी के बीच 10 हवाई हमले किए गए, जिसमें 30 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया।
फरीदाबाद के 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में सीरिया की नजवा शरीफ ने अपनी ग्लास मोजेक पेंटिंग से खास पहचान बनाई है। उनकी कलाकृतियां रंग-बिरंगी हैं और शांति, प्रेम और एकता का संदेश देती हैं। नजवा का मानना है कि कला सीमाओं से परे है और उनके काम से सीरिया की संस्कृति का परिचय मिलता है।
अमेरिकी सेना ने बताया कि उसने सीरिया में हिरासत में रखे गए आईएस के 150 कैदियों को इराक स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है। यह कदम सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। आगे 7,000 और आईएस कैदियों को भी इराक के जेलों में भेजा जा सकता है। कुर्द नेतृत्व वाली ताकतों की वापसी के बाद यह निर्णय लिया गया।
अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया है कि ये हमले 13 दिसंबर 2025 को पलमायरा में हुए उस हमले का जवाब हैं, जिसमें एक ISIS आतंकवादी ने घात लगाकर हमला किया था। इस दुखद घटना में तीन अमेरिकी की मौत हो गई थी।
यह ऑपरेशन 19 दिसंबर 2025 को शुरू हुआ था। पहले ही दिन अमेरिकी सेना ने मध्य सीरिया में ISIS के लगभग 70 ठिकानों को निशाना बनाया था। शनिवार की कार्रवाई इसी कड़ी का अगला चरण है।
सीरिया में अलवी समुदाय की मस्जिद में धमाके में आठ लोगों की मौत गई थी। इसके बाद भड़के दंगों में कम से कम तीन लोगों के मारे जाने की खबर है। रिपोर्ट के मुताबिक कट्टरपंथियों ने अलवी लोगों को निशाना बनाने के लिए हमला किया था।