
पश्चिम बंगाल में भाजपा के मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी की राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने तारीफ की है। संघ के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि संघ को अपने बेटे सुभेंदु पर गर्व है। परिवार में शामिल होने के लिए किसी फार्म पर हस्ताक्षर करने की जरूरत नहीं है।

शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को 15,105 मतों के अंतर से हरा दिया था। अधिकारी को 73,917 वोट मिले, जबकि बनर्जी को 58,812 वोट प्राप्त हुए थे। हालांकि, 2021 में नंदीग्राम में अधिकारी की जीत का अंतर काफी कम रहा था।

पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा की चौखट पर ठीक उसी तरह माथा टेका, जैसे 2014 में पीएम मोदी ने संसद भवन के बाहर किया था। ऐतिहासिक कदम का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। पूरी खबर पढ़ें।

विधानसभा चुनाव में हिमंत बिस्वा सरमा ने जालुकबारी सीट पर 89,434 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल की है। 57 वर्षीय नेता ने कहा है कि मुख्यमंत्री के रूप में उनका पहला कार्यकाल केवल 'ट्रेलर' था और दूसरे कार्यकाल में 'फिल्म' आएगी। वह साल 2015 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या की जांच सीबीआई ने अपने हाथ में ले ली है। अधिकारियों के मुताबिक सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है।
Other Party Leaders Made Chief Minister in BJP: भाजपा में दूसरे दलों से आए कद्दावर नेताओं को टॉप पर पहुंचने में लगभग 6 साल लग रहा है। हिमंत बिस्वा सरमा, मानिक साहा, सम्राट चौधरी और शुभेंदु अधिकारी ऐसे ही सीएम में हैं।
बंगाल में BJP सरकार बनने के बाद TMC पर पहला बड़ा एक्शन। ED ने नगर निगम भर्ती घोटाले में पूर्व मंत्री सुजीत बोस को 10 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। जानिए पूरा मामला।
पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सत्ता संभालते ही बड़ा एक्शन लिया है। धार्मिक स्थलों के बाहर लाउडस्पीकर बजने और सड़क पर नमाज व प्रार्थना से जाम लगाने पर सख्त रोक लगा दी गई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक हत्या की साजिश रचने और उसे अंजाम देने में कम से कम आठ लोग थे। हमलावरों ने रथ को निशाना बनाने से पहले रेकी की थी। जांच में यह बात सामने आई कि जिस कार का इस्तेमाल हमलावरों द्वारा किया गया, वह हत्या से पहले बाली टोल प्लाजा से गुजरी थी।
बांग्लादेश पीएम के सलाहकार कबीर ने कहा कि अगर भारत सरकार दोनों पड़ोसियों के बीच दोस्ती बढ़ाना चाहती है, तो उसे सीमा सुरक्षा के मामलों में थोड़ा नरम और मानवीय रवैया अपनाना चाहिए। पश्चिम बंगाल सरकार के फैसले के बाद कबीर ने कहा है कि चुनावी बयानबाजी और शासन दो अलग बाते हैं।