
15 जून को सूर्य वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। सूर्य करीब एक महीने तक इसी राशि में रहेंगे। ज्योतिष में सूर्य को मान-सम्मान, पद और आत्मविश्वास से जोड़कर देखा जाता है। इस बार सूर्य का गोचर कुछ राशि वालों के लिए बेहद ही शुभ माना जा रहा है।

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को मान-सम्मान और नेतृत्व का ग्रह माना जाता है, जबकि बुध का संबंध बुद्धि और व्यापार से होता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 15 जून 2026 को सूर्य मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। इस राशि में बुध पहले से मौजूद हैं, जिससे दोनों ग्रह एक साथ आ जाएंगे।

जून के महीने में एक बड़ा ग्रह परिवर्तन होने जा रहा है। 15 जून को सूर्य मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। संयोग की बात यह है कि बुध पहले से ही इस राशि में मौजूद रहेंगे। ऐसे में सूर्य और बुध की युति बनेगी, जिसे ज्योतिष में शुभ माना जाता है।

जून के महीने में सूर्य अपनी राशि बदलने जा रहे हैं। 15 जून 2026 को दोपहर 12 बजकर 34 मिनट पर सूर्य मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद करीब एक महीने तक यानी 16 जुलाई तक इसी राशि में रहेंगे। ज्योतिष में सूर्य को मान-सम्मान, आत्मविश्वास और नेतृत्व का कारक माना जाता है।
25 मई से नौतपा शुरू हो गया है। अब अगले 9 दिनों तक तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर सकती हैं। हर साल जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तभी नौतपा की शुरुआत मानी जाती है। इस बार यह 2 जून तक रहेगा। इन दिनों में दोपहर की धूप सबसे ज्यादा असर दिखाती है।
ज्योतिषशास्त्र में सूर्य को आत्मविश्वास, पद, मान-सम्मान और सफलता का कारक माना जाता है। ऐसे में जब भी सूर्य राशि या नक्षत्र बदलते हैं तो उसका असर सभी राशियों पर देखने को मिलता है।इस बार 22 जून 2026 को सूर्य राहु के अधीन माने जाने वाले आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं।
15 मई की सुबह सूर्य ग्रह वृषभ राशि में आ जाएगा। ज्योतिष में सूर्य को मान-सम्मान, आत्मविश्वास, नौकरी और सफलता का ग्रह माना जाता है। जब सूर्य वृषभ राशि में आता है तो लोगों का ध्यान पैसा, घर-परिवार और भविष्य को मजबूत बनाने की तरफ ज्यादा रहने लगता है।
मई में तीन राशियों को मिलेगा भाग्य का साथ, जब शनि अमावस्या से पहले सूर्य राशि बदलेंगे। इससे कई राशियों के लिए लाभ के योग बनेंगे, आपको एक साथ कई तरह के लाभ मिलेंगे। आइए जानते हैं और सूर्य और शनि के कारण क्या होता है असर
11 मई को सूर्य कृत्तिका नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष में कृत्तिका नक्षत्र को सूर्य से जुड़ा माना जाता है, इसलिए इस बदलाव को खास माना जाता है। ज्योतिषशास्त्र में सूर्य को विशेष स्थान प्राप्त है। सूर्य को ग्रहों का राजा भी कहा जाता है। सूर्य को पद, पहचान, ऊर्जा और नेतृत्व का ग्रह माना जाता है।
ज्योतिष के लिहाज से 14 अप्रैल 2026 का दिन खास माना जा रहा है। इस दिन सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही सूर्य अश्विनी नक्षत्र में भी गोचर करेंगे। ज्योतिषियों का कहना है कि इस बदलाव का असर सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन कुछ राशियों के लिए यह समय बेहतर साबित हो सकता है।