
शिवसेना नेता संजय राउत ने सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग को लेकर बड़ी टिप्पणी की है। शिवसेना-यूबीटी के बागी सांसदों के मामले को लेकर संजय राउत ने कहाकि लोकतंत्र की धज्जियां उड़ रही हैं। साथ ही यह भी कहाकि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग दोनों, गुनहगार हैं।

न्यायिक अधिकारी रहे अमरीश कुमार जैन की एक याचिका साल 2022 से पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में लंबित है। अब तक इसपर फैसला नहीं हो सका है, क्योंकि जज खुद को मामले से अलग कर रहे हैं। अब यह बात CJI सूर्यकांत के संज्ञान में आई है।

Deepak Kushwaha Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने बिना विधायक बने दीपक प्रकाश को दोबारा मंत्री बनाने के खिलाफ याचिका पर उपेंद्र कुशवाहा के बेटे, बिहार सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है।

SC ने फैमिली कोर्ट को यह भी निर्देश दिया कि वे 'पैरेंटल एलियनेशन' (माता-पिता में से किसी एक के प्रति बच्चे के मन में नफरत या दूरी पैदा करना) और 'फ़ॉल्स मेमोरी' (झूठी यादें) बनने के जोखिम जैसी चिंताओं की जाँच करें।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस नियम का अक्षरशः पालन किया जाए और दुर्घटना के मुकदमों को आमतौर पर 1 वर्ष के भीतर तय किया जाना चाहिए, ताकि पीड़ितों को दशकों तक न्याय के लिए भटकना न पड़े।
सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि विशुद्ध रूप से पारिवारिक प्रॉपर्टी के विवादों को आपराधिक मामला या एससी/एसटी अधिनियम का स्वरूप देकर किसी व्यक्ति के अग्रिम जमानत के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त टास्क फोर्स (NTF) की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की आत्महत्याएं मुख्य रूप से प्रणालीगत विफलताओं, जातिगत भेदभाव और मानसिक स्वास्थ्य समर्थन की भारी कमी का परिणाम हैं।
Samrat Cabinet RLM Minister: दीपक प्रकाश का सम्राट सरकार में मंत्री बने रहना मुश्किल होता दिख रहा है। दीपक को हटाने के लिए PIL दायर हुई है। ऐसे में उपेंद्र कुशवाहा को रालोमो से दूसरा मंत्री बनाने का ऑफर मिल सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ किया कि शादी का झांसा देकर रेप के मामले में लोक अदालत में समझौता होने का मतलब यह नहीं है कि आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा इन नामों की सिफारिश अब केंद्रीय कानून और न्याय मंत्रालय को भेजी जाएगी। केंद्र सरकार की मंजूरी और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद इन सभी जजों की आधिकारिक नियुक्ति की अधिसूचना जारी की जाएगी।