
अमेरिका के जॉर्जिया में रहने वाले 14 वर्षीय छात्र सिरिश सुभाष ने एक ऐसा एआई डिवाइस बनाया है, जो सेकेंडों में पकड़ लेगी कि फल या सब्जियों पर कीड़े हैं या नहीं।

अंकित ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा में सफलता हासिल कर डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) का पद प्राप्त किया है। हालांकि यहां तक पहुंचना उनके लिए आसान नहीं था।

आदित्य सिंह आजमगढ़ जिले के लालपुर गौहर गांव के निवासी हैं। वो चार भाई बहन हैं। उनके पिता एक किसान हैं और माता गृहणी हैं। आदित्य एक साधारण परिवार से आते हैं। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से उन्हें पढ़ाई के दौरान कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

शरण कांबले ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर एक के बाद एक बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। उन्होंने बैक टू बैक यूपीएससी एग्जाम सफलता हासिल की। साल 2019 में उन्होंने UPSC CAPF परीक्षा में 8वीं रैंक हासिल की।
महज 10000 रुपये की शुरुआती रकम से छोले-भटूरे का स्टॉल शुरू हुआ और चार दिनों में ही इसकी बिक्री ने उम्मीद से कहीं बेहतर नतीजे दिए।
आस्था मूल रूप से बिहार के सिवान जिले की रहने वाली हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई सिवान में ही हुई। इसके बाद सातवीं कक्षा में वह दिल्ली-NCR आ गईं। पढ़ाई में शुरू से ही उनका प्रदर्शन शानदार रहा।
वैज्ञानिक डॉ. आकांक्षा सिंह को NASI युवा वैज्ञानिक पुरस्कार 2026 के लिए चुना गया है। उन्हें यह सम्मान कृषि एवं पादप विज्ञान के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण शोध योगदान के लिए दिया जाएगा। खास बात यह है कि यह 2026 में उन्हें मिलने वाला तीसरा बड़ा राष्ट्रीय सम्मान है।
प्रांजल जब महज मात्र छह साल की थीं तब खेल-खेल में उनकी आंख में पेंसिल लग गई। यह हादसा इतना गंभीर था कि कुछ दिन बाद ही उनकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई। अचानक अंधेरे में चली गई दुनिया से जूझना प्रांजल के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी।
कहते हैं कि असफलता अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत होती है। इस बात को बिहार की रहने वाली रितिका ने अपनी मेहनत और जज्बे से सच साबित कर दिखाया है। UPSC सिविल सेवा परीक्षा में लगातार दो बार मामूली अंतर से चूकने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी।
आज दुनिया की चर्चित AI कंपनियों में शामिल Perplexity AI का नेतृत्व करने वाले श्रीनिवास के करियर में एक समय ऐसा भी था, जब उन्हें एक के बाद एक कई रिजेक्शन का सामना करना पड़ा।