
बुधवार को भी शेयर ने 5% का अपर सर्किट मारा और NSE पर 44.77 रुपये पर बंद हुआ। खास बात यह रही कि शेयर इसी स्तर पर खुला और पूरे दिन अपर सर्किट में ही लॉक रहा, यानी निवेशकों को खरीदारी का मौका ही नहीं मिला।

कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक होने वाली है, जिसमें बोनस शेयर जारी करने पर विचार किया जाना है। कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप ₹1,715.22 करोड़ है, जिससे यह मिड-स्मॉल कैप सेगमेंट में निवेशकों की पसंद बनी हुई है।

ऑर्डर बुक के मोर्चे पर भी कंपनी की स्थिति मजबूत बनी हुई है। वारी रिन्यूएबल के पास इस समय 2.92 GWp की अनएक्जीक्यूटेड ऑर्डर बुक है, जिसे अगले 12 से 15 महीनों में पूरा किया जाना है। इसके अलावा, कंपनी की बिडिंग पाइपलाइन करीब 29 GWp की है।

MRPL का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹1445 करोड़ पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह सिर्फ ₹304 करोड़ था। कंपनी ने बताया कि बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन और ऑपरेशनल एफिशिएंसी के चलते यह शानदार प्रदर्शन संभव हुआ है।

एमएमटीसी के शेयरों में ट्रेडिंग वॉल्यूम में जबरदस्त वृद्धि हुई। 14 जनवरी को स्टॉक एक्सचेंजों पर एमएमटीसी के लगभग 2 करोड़ इक्विटी शेयरों का कारोबार हुआ, जबकि इसका एक सप्ताह का औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम 48 लाख शेयर और एक महीने का औसत वॉल्यूम 1 करोड़ शेयर है।

शेयर 7% से ज्यादा टूटकर करीब ₹120.47 के स्तर पर कारोबार करते नजर आए। बीते पांच कारोबारी सत्रों में से चार दिन स्टॉक में गिरावट रही है। साल की शुरुआत भी रेडटेप के लिए खास अच्छी नहीं रही है, क्योंकि इससे पहले भी शेयर लगातार दबाव में रहे थे।

पिछली तिमाही (Q2FY26) की तुलना में भी मुनाफे में करीब 29.7% की गिरावट दर्ज की गई, जब कंपनी ने ₹154.82 करोड़ का प्रॉफिट कमाया था। बढ़ती लागत और ऑपरेशनल खर्च मुनाफे पर दबाव की बड़ी वजह माने जा रहे हैं।

यह ऑफर 6 जनवरी 2026 को हुए एक शेयर परचेज एग्रीमेंट के बाद आया है, जिसके तहत मौजूदा प्रमोटर्स से 62.99% हिस्सेदारी खरीदी जा रही है, जिससे सेबी के टेकओवर नियम लागू हो गए।

ओमैक्स के शेयरों में यह तेजी कंपनी के नए बड़े प्रोजेक्ट के ऐलान के बाद आई है। कंपनी ने लुधियाना में ‘ओमैक्स चौक’ नाम के एक बड़े मिक्स्ड-यूज हाई-स्ट्रीट प्रोजेक्ट की घोषणा की है।

बीएसई पर यह स्मॉलकैप शेयर 2.62% चढ़कर ₹54.70 तक पहुंच गया। निवेशकों ने इस खबर को सकारात्मक रूप से लिया क्योंकि इससे कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति मजबूत होने और आगे के ग्रोथ प्लान्स को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।