
गणेश जी के ये 4 शक्तिशाली उपाय काम में आ रही रुकावट, बाधा और विघ्नों को दूर करते हैं। मोदक, दूर्वा, सिंदूर और गणेश मंत्र जाप से भगवान गणेश प्रसन्न होकर सफलता, करियर और व्यापार में उन्नति देते हैं। जानें आसान उपाय।

गणेश जी को 'विघ्नहर्ता' और 'प्रथम पूज्य' कहा जाता है। शुभ कार्यों में सबसे पहले इनका नाम लिया जाता है, ताकि कार्य निर्विघ्न संपन्न हो। लेकिन इस परंपरा के पीछे एक गहरी पौराणिक कथा छिपी है।

Falgun Sankashti Chaturthi time: फाल्गुन संकष्टी चतुर्थी के दिन विशेष रूप से गणेश जी की उपासना की जाती है, जिससे जीवन के सभी कष्टों का निवारण हो जाता है। इस व्रत का पारण रात्रि के समय चंद्रमा का दर्शन करने के बाद ही किया जाता है।

Sakat Chauth Date Time Sakat Chauth 2026: इस साल सकट चौथ 3 शुभ योगों के संयोग में पड़ रहा है। यह व्रत सकट माता, भगवान गणेश और चंद्र देव को समर्पित है। संतान की लंबी आयु, सुख-समृद्धि के लिए महिलाएं यह व्रत करती हैं।
Today on Vighneshwar Chaturthi 2025: हिन्दू पंचांग और उदया तिथि के मद्देनजर, आज विघ्नेश्वर चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। विधिवत विघ्नेश्वर चतुर्थी व्रत करने से जीवन में सुख-समृद्धि की कोई कमी नहीं रहती है।
हिंदू धर्म में बुधवार का दिन भगवान गणेश जी को समर्पित है। गणेश जी विघ्नहर्ता और बुद्धि के दाता हैं। बुधवार को उनकी पूजा करने से हर प्रकार की बाधा दूर होती है, कार्यों में सफलता मिलती है और बुद्धि तेज होती है।
Ganadhipa Sankashti Chaturthi 2025: आज के दिन भगवान गणेश के गणाधिप स्वरूप की आराधना की जाती है। इस दिन विधि-विधान के साथ गणपति बप्पा की उपासना और उपवास करने से कठिन से कठिन दिक्कतें भी दूर हो सकती हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है। नवंबर महीने में आने वाली इस चतुर्थी को गणाधिप संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। इस दिन भगवान श्री गणेश को गणाधिप यानी गणों के अधिपति के रूप में पूजा जाता है।
हिंदू धर्म में लाभ पंचमी का बहुत अधिक महत्व होता है। यह त्योहार मुख्य रूप से गुजरात में बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इसे सौभाग्य लाभ पंचमी भी कहा जाता है। दीपावली का आखिरी दिन लाभ पंचमी के रूप में मनाया जाता है। यह दिन शुभ लाभ और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
हिंदू पंचाग के अनुसार प्रत्येक महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी पड़ती है। इस दिन भक्त पूरे श्रद्धा और भक्ति भाव से गणेश जी की पूजा-अर्चना करते हैं। माना जाता है कि इस तिथि पर व्रत रखने से सुख, सौभाग्य और समृद्धि में वृद्धि होती है।