
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षामित्र को ग्रेच्युटी और पेंशन देने की याचिका पर निर्देश दिया। याचिका पर सुनवाई के बाद, कोर्ट ने बीएसए वाराणसी को आदेश दिया कि वह याचिका को सुनकर छह सप्ताह में निर्णय लें। शिक्षामित्रों को 25 वर्षों से कार्यरत रहते हुए भी पेंशन और ग्रेच्युटी का लाभ नहीं मिल रहा है।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि किए जाने पर शिक्षामित्रों ने खुशी का इजहार किया है।

अयोध्या में शिक्षामित्र सम्मान समारोह में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने शिक्षामित्रों को बधाई दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्णय से शिक्षामित्रों का मानदेय 3500 से बढ़कर अब 18000 रुपए हो गया है। कार्यक्रम में शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष दुर्गेश मिश्रा ने आभार प्रकट किया और अन्य शिक्षा अधिकारी भी उपस्थित रहे।

यूपी में शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिखावटी करार दिया है। उन्होने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि हर सीट पर शिक्षामित्र भाजपा का SIR कर देंगे। भाजपा सरकार की उपेक्षा के कारण शिक्षकमित्रों को वर्षों से हर महीने 22 हजार का नुकसान उठाना पड़ा है।
-सीएम योगी की घोषणा पर लगी मुहर -शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि
यूपी की योगी कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश के 1.48 लाख शिक्षामित्रों और 24 हजार से अधिक अनुदेशकों को बड़ी सौगात दे दी है। इनके मानदेय में भारी बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। मानदेय करीब दोगुना हो गया है।
योगी कैबिनेट ने आज सभी 22 प्रस्तावों पर मुहर लगा दी है। शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को करीब दोगुना मानदेय पर मुहर लगा दी है। शिक्षामित्रों को 18,000 और अनुदेशकों का 17,000 रुपये अब मिलेगा। 25 लाख छात्र-छात्राओं को टैबलेट बांटने की योजना को भी हरी झंडी दे दी गई है।
मानदेय वृद्धि को लेकर सांसद छत्रपाल गंगवार को आभार पत्र देते शिक्षामित्र आखिरी दिन शिक्षामित्र को मानदेय वृद्धि की घोषणा को लेकर रव
योगी आदित्यनाथ सरकार ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय 10,000 से बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया है। इससे 1,47,000 शिक्षामित्रों को लाभ होगा। शिक्षामित्र संघ ने इस निर्णय पर खुशी जताते हुए विधायक और जिलाध्यक्ष का अभिनंदन किया। साथ ही, सरकार ने कैशलैस चिकित्सा सुविधाएं भी प्रदान की हैं।
यूपी में शिक्षामित्र अपनी ग्राम पंचायतों में कब तैनाती पा सकेंगे ? योगी सरकार में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बता दिया है। एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शिक्षामित्रों को उनके गृह जिलों की ग्राम पंचायतों में तैनाती के लिए मुक्त कर दिया जाएगा।