
Shattila ekadashi 2026 Vrat ki katha in hindi: आज माघ मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी हैं। इस एकादशी में तिल का बहुत अधिक महत्व है। आइए यहां पढ़ें षट्तिला एकादशी व्रत की कथा

Shattila Ekadashi 2026 : हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को बहुत पुण्यदायी माना गया है। यह दिन भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित होता है। मान्यता है कि एकादशी का व्रत करने से पापों का नाश होता है, जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और मोक्ष का मार्ग खुलता है।

Shattila ekadashi date: माघ मास के कृष्ण पक्ष में षट्तिल एकादशी आती है। इस साल यह एकादशी 14 जनवरी को है। इस दिन मकर संक्रातिं का पर्व भी है। षट्तिला एकादशी सब पापोंका नाश करने वाली है। इस दिन कोई भूल हो जानेपर श्रीकृष्णका नामोचारण करना चाहिए।

Putrada Ekadashi december kab hai: एकादशी तिथि की शुरुआत 30 दिसंबर को सुबह होगी। इसका समापन अगले दिन यानी 31 दिसंबर को किया जाएगा।

षटतिला एकादशी व्रत आज है। हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व है। इसमें तिल का उपयोग विशेष रूप से पुण्यदायी माना गया है। माघ मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी होता है।

माघ महीने के कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि को षटतिला एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन व्रत पूजा-पाठ करने से साधको को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस दिन छह तरह से तिल का उपयोग करके भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान है।

षटतिला एकादशी के नाम से ही आपको समझ आ जाएगा कि माघ मास की इस एकादशी में तिल का बहुत महत्व माना गया है। पद्म पुराण के अनुसार, षटतिला एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा और तिल का भोग बहुत महत्वपूर्ण है।

षटतिला एकादशी जैसा कि नाम से समझ आता है, तिलों के महत्व वाली एकादशी। माघ मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी कहते हैं। इस एकादशी में तिल का बहुत अधिक महत्व है। आइए जानें इस व्रत की कथा सुनते हैं।