
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, 'हम राजनीतिक लोग हैं। आज के समय पर जहां सोशल मीडिया इतना हावी है, हर व्यक्ति कोई ना कोई राजनीतिक अटकल जताने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन पूजनीय शंकराचार्य से मैं आशीर्वाद लेने आया था।'

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। माना जा रहा है कि शंकराचार्य विवाद में बीजेपी के खिलाफ मोर्चाबंदी तेज हो गई है। अविमुक्तेश्वरानंद ने 7 मार्च को वाराणसी से गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान की शुरूआत की थी। फिलहाल वे लखनऊ प्रवास पर हैं।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया कि पहले काशी के मठ में रोकने की योजना बनी। मंगलवार को रात 9 बजे 16 शर्तों के साथ साथ अनुमति दी गई। कुछ देर बाद 10 शर्तें और जोड़कर 26 कर दी गईं। प्यार में कोई शर्त नहीं होती। इसका मतलब है कि हमारे लिए उनके मन में कोई प्यार नहीं है।

अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए लिखा- आँख और मुँह कितने सेंटीमीटर खुल सकते हैं, ये शर्त भी रख देते…। उन्होंने प्रशासन की शर्तों को ‘विनाशकाले विपरीत बुद्धि’ और कमजोर सत्ता की पहचान बताया। उन्होंने बीजेपी सरकार पर सनातन और ब्राह्मण समाज के अपमान का आरोप लागया।
लखनऊ में आज शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद 'गौ-प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध' का शंखनाद करेंगे। प्रशासन ने 26 कड़ी शर्तों के साथ कार्यक्रम को अनुमति दी है, जिस पर शंकराचार्य ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि वे यहां अपनी बात रखने आए हैं, प्रशासन की सरगम बजाने नहीं।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के 11 मार्च को प्रस्तावित गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान के मुख्य कार्यक्रम को लखनऊ प्रशासन ने अनुमति दे दी है। पुलिस अधिकारियों और एलडीए स्मारक समिति के प्रतिनिधियों की बैठक के बाद कार्यक्रम को हरी झंडी दी गई। हालांकि प्रशासन ने 26 शर्तें भी लागू की हैं।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट में अर्जी दाखिल कर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को विदेश जाने से रोकने की मांग की है। उन्होंने कोर्ट से उनकी गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा पर रोक लगाने की भी अपील की है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने सीएम योगी आदित्यनाथ पर जमकर निशाना साधा है। उनके राज में गायों की संख्या कम हो रही है। गो हत्यारे से चंदा उनकी पार्टी ले रही है। तो काम तो राक्षसों जैसा दिखाई दे रहा है और कपड़ा संन्यासियों जैसे दिखाई दे रहा है। कहीं आप ही तो कालनेमि नहीं हो?
यूपी के हरदोई पहुंचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि भाजपा उनकी दुश्मन नहीं है, लेकिन अन्य राजनीतिक दल भी उनके मित्र नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जो भी गौ माता राष्ट्रमाता घोषित करने की बात करेगा वे उसी का समर्थन करेंगे।
आशुतोष ब्रह्मचारी पर हमले की जिम्मेदारी स्वाति अघोरी ने ली है। गंगोत्री की रहने वाली स्वाति खुद को शंकराचार्य की शिष्या और काल भैरव युवा वाहिनी की अध्यक्ष बताती हैं। पुलिस उनकी फेसबुक पोस्ट की जांच कर रही है।