
Shani Jayanti Upay 2026, Shani Jayanti Ke Upay: इस साल 16 मई को को शनि जयंती का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन कुछ जगहों पर शाम के समय में दीपक जलाने से पितृ दोष का प्रभाव कम होता है और सुख-समृद्धि भी बनी रहती है।

Shani Jayanti 2026 Diya Mantra: आज शनि जयंती की शाम वाली पूजा का शुभ मुहूर्त 7:05 बजे शुरू हो जाएगा। जानें इस दौरान किस दिशा और किस मंत्र के साथ शनिदेव के नाम का दीया जलाना है?

Shani Jayati ke upay Shani Jayanti 2026: शनि जयंती का दिन कर्मफलदाता शनि देव को प्रसन्न करने का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज शनि जयंती और अमावस्या के दिन श्रद्धापूर्वक किए गए छोटे-छोटे उपाय भी जीवन के बड़े-बड़े संकटों को टाल सकते हैं।

Shani Jayanti 2026: आज शनि जयंती पर शनिदेव के 108 नामों का जाप करना बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इन नामों के जाप से मन शांत रहता है और जिदंगी की नकारात्मकता दूर होती है। इसी के साथ शनिदेव की विशेष कृपा भी मिलती है।
Shani Jayanti 2026 Wishes: आज शनि जयंती के मौके पर अपने दोस्तों, परिवार और करीबियों शनिदेव की कृपा और पॉजिटिविटी से भरी 10 यूनीक शुभकामनाएं भेजें। इन शुभकामनाओं को आप वाट्सएप स्टेटस पर भी लगा सकते हैं।
Moon Transit Mars Rashifal Aries : ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्मफलदाता माना जाता है, और जब उनकी जयंती पर महालक्ष्मी योग बनता है, तो इसे अति उत्तम माना जाता है। आज महालक्ष्मी योग बनने से कुछ राशियों की किस्मत पलट सकती है।
Vat Savitri Vrat Daan Shani Jayanti 2026 Amavasya: धार्मिक दृष्टिकोण से आज किए गए दान-पुण्य का फल कई गुना बढ़कर मिलता है। अगर आप भी आज के शुभ संयोग में दान करने के बारे में सोच रहे हैं, तो आइए जानते हैं किन चीजों का दान करना उत्तम है।
वैसे तो प्रतिमाह की अमावस्या तिथि को पूजन दान आदि और पितरों के निमित्त समर्पित किया गया है लेकिन वर्षभर में होने वाली बारह अमावस्या में से ज्येष्ठ मास की अमावस्या विशेष रूप में मनाई जाने वाली होती है।
शनि जयंती का दिन शनिदेव के भक्तों के लिए बहुत खास माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि ज्येष्ठ अमावस्या के दिन शनिदेव का जन्म हुआ था। इसी वजह से हर साल इस तिथि पर शनि जयंती मनाई जाती है। इस बार शनि जयंती 16 मई 2026, शनिवार को पड़ रही है।
ज्येष्ठ अमावस्या इस साल 16 मई 2026, शनिवार को पड़ रही है। हिंदू धर्म में इस अमावस्या का खास महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन स्नान, दान और पितरों के लिए तर्पण करने से विशेष पुण्य मिलता है। ज्येष्ठ अमावस्या के साथ शनि जयंती भी मनाई जाती है।