
बीकानेर शहर के अदालत परिसर को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। रविवार रात कोर्ट की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर आए धमकी भरे संदेश के बाद सोमवार सुबह पुलिस-प्रशासन हरकत में आ गया।

पश्चिम चंपारण (बेतिया), सहरसा, पूर्णिया, मुंगेर, नवादा, जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद, कैमूर (भभुआ), बक्सर, भोजपुर (आरा), सीतामढ़ी, शिवहर, सीवान, गोपालगंज, सुपौल, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज, कटिहार, बांका, जमुई, शेखपुरा, लखीसराय और खगड़िया में 02–02 फास्ट ट्रैक अदालतें संचालित होंगी।

आगरा में मां और बच्चों की हत्या के मामले में अदालत ने पति प्रमोद और सास सूरजमुखी को दोषी पाया। उन्हें साढ़े पांच साल की सजा और 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। पीड़िता ममता को शादी के बाद से दहेज के लिए...

Justice Surya Kant: जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि युवा वकीलों को ग्लैमर और कॉर्पोरेट फर्म्स के मोह से आगे देखना चाहिए। हाईकोर्ट और निचली अदालतों में ही कानून की असली नब्ज धड़कती है।
सर्कुलर में कहा गया कि यह फैसला न केवल कार्यस्थल पर अनुशासन को बढ़ावा देता है, बल्कि कर्मचारियों में समानता और पेशेवर छवि को भी प्रोत्साहित करता है। हाई कोर्ट ने कहा कि यूनिफॉर्म किसी संस्थान में अनुशासन को दर्शाता है।
एचसी की बेंच ने कहा कि अब अपराधी को सुधारने का प्रयास किया जाता है, इस सिद्धांत पर कि अपराध से नफरत करनी चाहिए, न कि अपराधी से। कोर्ट ने मृत्युदंड को सजा के रूप में बनाए रखने के खिलाफ दिए गए तर्कों पर भी ध्यान दिया।
जज ने कहा, 'अनुच्छेद 20(3) के अनुसार किसी भी आरोपी को अपने ही खिलाफ गवाह बनने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। इसलिए आरोपी को उक्त दस्तावेज पेश करने का निर्देश देने वाला आदेश पारित नहीं किया जा सकता।'
पीठ ने कहा, ‘यह अदालत पीड़िता को उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भ को जारी रखने के लिए मजबूर नहीं कर सकती, क्योंकि ऐसी स्थिति में पीड़िता से उसके जीवन के तात्कालिक और दीर्घकालिक मार्ग तय करने के अधिकार को छीना जा रहा है।’
यह मामला जून 2023 में जन्मे एक शिशु की कस्टडी विवाद से जुड़ा है। वैवाहिक घर छोड़ने के बाद मां ने फैमिली कोर्ट में गार्जियंस एंड वार्ड्स एक्ट के तहत स्थायी हिरासत के लिए याचिका दायर की थी। उन्होंने अंतरिम कस्टडी की भी मांग रखी थी।
केरल के कोच्चि में यह कानूनी विवाद तब शुरू हुआ, जब पिछले साल नवंबर में एक ग्राहक ने परोटा और बीफ ऑर्डर किया। परोटा मैदा से बनता है और अपनी रूखी बनावट के कारण ग्रेवी के साथ खाया जाता है, ताकि यह नरम और स्वादिष्ट हो सकते।