विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम पर एसडीएम कार्यालय में राजनीतिक दलों की बैठक हुई। एसडीएम शैलेन्द्र सिंह ने फार्म-06, 07, 08 की जानकारी दी। दावे और आपत्तियों के लिए आयोग ने 17, 18, 31 जनवरी और 01 फरवरी की तिथियाँ निर्धारित की हैं। सभी बूथ लेबल अधिकारी मतदाता सूची को पढ़ेंगे।
शुक्रवार को एड़ीएम ई संतोष बहादुर सिंह ने 9 करोड़ रुपए की लागत से बनी तहसील भवन की नवनिर्मित बिल्डिंग का निरीक्षण किया। विधायक देवेन्द्र निम् ने निर्माण में कमी पर नाराजगी जताई थी। सीएनडीएस की टीम ने मानकों के अनुसार जांच की और एसडीएम डॉ. पूर्वा शर्मा ने निरीक्षण की पुष्टि की।

बाजपुर में रतनपुरा के ग्रामीणों ने कोसी नदी में ट्रैक्टर और बैक कराहे से खनन के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन देकर तत्काल खनन रोकने की मांग की, यह कहते हुए कि हाईकोर्ट का आदेश है कि मशीनों से खनन नहीं किया जा सकता, लेकिन खनन माफिया इसे नजरअंदाज कर रहे हैं।

शोहरतगढ़ तहसील के एसडीएम कार्यालय में एक पेशकार द्वारा रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हुआ है। हालांकि इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो में दिख रहा व्यक्ति रिश्वत मांगता है और एसडीएम विवेकानंद मिश्र ने कहा है कि जांच की जाएगी।

सरधना में भाकियू कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना दिया। कार्यकर्ताओं ने एसडीएम पर जनसुनवाई न करने का आरोप लगाया। एसडीएम उदित नारायण ने मौके पर पहुंचकर वार्ता की और कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनी। उन्होंने जल्द समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ।

भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के अध्यक्ष शशिकांत त्यागी के नेतृत्व में किसानों ने एसडीएम कार्यालय के सामने धरना दिया। उन्होंने लेखपाल पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया और आवारा पशुओं, पानी की आपूर्ति, गेहूं के बीज, और सड़क निर्माण की मांग की। एसडीएम ने सभी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया।

ऋषिकेश में संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति ने इंद्रमणि बडोनी चौक पर कमांडर वाहनों के लिए वन भूमि पर अतिक्रमण का आरोप लगाया। समिति के सदस्य एसडीएम कार्यालय पहुंचे और अतिक्रमण हटाने की मांग की।

राजस्थान में पंचायती राज व्यवस्था के तहत पंचायत समितियों में प्रधानों और जिला परिषदों में जिला प्रमुखों का कार्यकाल चरणबद्ध तरीके से समाप्त होने लगा है। कार्यकाल पूरा होने के साथ ही सरकार द्वारा यहां प्रशासकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

28 नवंबर को लुधौरी गांव में दो सिख सेवादारों पर हुए हमले के खिलाफ सिख समुदाय ने एसडीएम कार्यालय का घेराव किया। धरने में शामिल लोगों ने आरोपियों को जेल भेजने और एसडीएम के तबादले की मांग की। प्रशासन ने दो दिन का समय मांगा, जिसके बाद धरना स्थगित कर दिया गया।

भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया। तहसील अध्यक्ष अंकित जावला के नेतृत्व में किसानों ने अपनी मांगों को उठाया, जिसमें सिंचाई के लिए बिजली कनेक्शन का मुद्दा शामिल था। एसडीएम राजकुमार भारती के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ।