
कुंडली में अगर चंद्र कमजोर, पीड़ित, नीच राशि में, शत्रु ग्रहों से दृष्ट या अशुभ भाव में स्थित हो, तो व्यक्ति का मन हमेशा भटकता रहता है। ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रह को मन, भावनाओं, माता, मानसिक स्वास्थ्य और शरीर की तरलता का कारक माना जाता है।

उझानी में 18 जनवरी को सनातन हिंदू एकता पद यात्रा की बैठक आयोजित की गई। यात्रा का शुभारंभ पंडित मुमुक्ष कृष्ण दद्दा करेंगे। उझानी पहुंचने पर कल्याण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण होगा, इसके बाद हनुमान मंदिर में आरती होगी। साधू-संत गंगा मैया की महाआरती में हिस्सा लेंगे।
मंदार पर्वत पर इन दिनों अखिल भारतीय सनातन संथाल समाज का प्रथम महाकुंभ आयोजित हो रहा है। विभिन्न राज्यों और देशों से श्रद्धालु जुटे हैं। आयोजन में विशेष आरती, परिक्रमा और धार्मिक अनुष्ठान होंगे। महाकुंभ की भव्यता को बढ़ाने के लिए पारंपरिक वाद्य यंत्रों का भी उपयोग किया जाएगा।

ज्योतिष शास्त्र में तिथि, वार, नक्षत्र, योग और लग्न का विशेष ध्यान रखा जाता है। अगर गलत समय पर गृह प्रवेश किया जाए, तो घर में अशांति, आर्थिक हानि, स्वास्थ्य समस्या या पारिवारिक कलह हो सकती है।

मृत्यु के समय या जीवन के अंतिम चरण में गाय दान करने से आत्मा को परलोक में सुगम यात्रा मिलती है और मोक्ष प्राप्ति के योग बनते हैं। गाय को माता का स्वरूप माना जाता है और इसमें 33 कोटि देवताओं का वास होता है।

गाय को रोज कुछ विशेष चीजें खिलाने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं। इससे जीवन में सफलता, स्वास्थ्य, सम्मान और धन की प्राप्ति होती है। सूर्य कमजोर होने पर आत्मविश्वास की कमी, नेत्र रोग या करियर में रुकावट आती है - गाय सेवा से यह दूर होता है।

शिवपुराण और अन्य ग्रंथों में वर्णित है कि सोमवार को कुछ विशेष वस्तुओं से अभिषेक या अर्पण करने से शिवजी शीघ्र प्रसन्न होते हैं। ये वस्तुएं शिवजी को बहुत प्रिय हैं और इनसे पूजा करने से पाप नष्ट होते हैं, रोग दूर होते हैं और सुख-समृद्धि आती है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, माघ में राशि अनुसार विशेष उपाय करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, धन-सुख बढ़ता है और भाग्योदय होता है। माघ मेला भी इसी माह में लगता है, जहां स्नान-दान का पुण्य कई गुना मिलता है।

दोहरीघाट में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन में मुख्य अतिथि तारकेश्वर जी ने कहा कि सनातन धर्म सिर्फ एक धर्म नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। उन्होंने हिन्दू एकता और संस्कृति के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम में देशभक्ति झांकी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी हुईं। उन्होंने कहा कि हमें अपने संस्कारों को समझना और अपनाना चाहिए।

मुजफ्फरपुर में अखंड भारत पुरोहित महासभा ने सनातन संस्कृति के प्रचार और धार्मिक चेतना को बढ़ावा देने के लिए तीर्थाटन यात्रा की तिथि 30 जनवरी निर्धारित की है। यह यात्रा पहले 5 जनवरी को होनी थी। कड़ाके की ठंड को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। यात्रा नौ दिनों तक चलेगी।