
कोटा एयरपोर्ट पर राहुल गांधी की अगवानी से पहले नेताओं के बीच हुई यह बातचीत भले ही अनौपचारिक रही हो, लेकिन उसकी तस्वीर ने औपचारिक राजनीति में कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। तस्वीर देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं कि माहौल काफी हल्का-फुल्का था

17 जून को राजस्थान के कोटा में आयोजित होने वाले स्टूडेंट सम्मेलन में राहुल गांधी छात्रों से सीधे संवाद करेंगे। इसके बाद कांग्रेस अन्य राज्यों में भी इसी तरह के सम्मेलन आयोजित करेगी।

अपडेट--‘सचिन पायलट मेरे बेटे जैसे हैं: अशोक गहलोत’ बॉक्स जोड़ा गया है जयपुर,

जयपुर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने कहा कि गहलोत ने हमेशा उनके प्रति स्नेह दिखाया है। उन्होंने पार्टी को मजबूत करने और भाजपा से मुकाबला करने के लिए एकजुटता की अपील की। गहलोत की हालिया आलोचनाओं पर पायलट ने कोई सीधा हमला नहीं किया और पार्टी कार्यकर्ताओं को मिलकर संघर्ष करने की बात की।
Ashok Gehlot and Sachin Pilot statements: राजस्थान कांग्रेस में गहलोत-पायलट की पुरानी तकरार फिर चर्चा में है। पायलट के हालिया बयान पर गहलोत ने कहा कि उन्होंने कोई गलत बात नहीं कही, लेकिन फिर पुराने विवादों पर सफाई भी दी। वहीं पोस्टरों से गहलोत की तस्वीर गायब रहने पर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने अपने पिता राजेश पायलट की 26वीं पुण्यतिथि पर नोएडा में श्रद्धांजलि अर्पित की। वह महामाया फ्लाइओवर के नीचे स्वागत किए गए और अपने पैतृक गांव वैदपुरा गए, जहां उन्होंने समाधि पर फूल चढ़ाए। इस अवसर पर कई स्थानीय नेता भी मौजूद थे।
विवाद की नई शुरुआत उस वक्त हुई जब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 2020 के चर्चित मानेसर प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय जो घटनाक्रम हुआ था, उसे गलती मानकर भूल जाना और माफ कर देना चाहिए। गहलोत ने संकेतों में कहा कि उस दौर में सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की गई थी।
जयपुर, एजेंसी। कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने को अन्याय बताया। उन्होंने भाजपा सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया।
सरकार गिराने की साजिश के आरोपों पर सवाल उठाते हुए लोकेश शर्मा ने कहा कि यदि अशोक गहलोत के पास कोई ठोस सबूत हैं तो उन्हें सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि गहलोत वर्षों से यह दावा कर रहे हैं
सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच लंबे समय से अदावत चल रही है। कुछ समय तक ठंडापन दिखने के बाद अशोक गहलोत ने एक बार फिर पूर्व उपमुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आखिर क्यों उन्होंने भूली बिसरी बातों को दोहराया है? आइए समझते हैं।