
भारत ने जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद सिंधु जल समझौता स्थगित कर दिया था। वहीं, इसके बाद ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को भी तबाह किया था। अब जल संधि को लेकर पाकिस्तान गीदड़भभकी दे रहा है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026 का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि यह कानून नकल, पेपर लीक जैसी समस्याओं को रोकने के लिए बनाया गया है। इसमें जांच की समय सीमा, विशेष लोक अभियोजकों और फास्ट ट्रैक अदालतों की व्यवस्था है, जिससे परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी।

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को अपने ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री को समझाते हुए कहाकि किसी भी हाल में कॉमर्शियल जहाजों और नाविकों पर हमले से बचा जाना चाहिए।

ब्लैक सी में भारतीय नाविकों की मौत पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कड़ा रुख अपनाया है। यूक्रेनी विदेश मंत्री से बातचीत में जयशंकर ने साफ कहा कि कमर्शियल जहाजों पर हमले कतई बर्दाश्त नहीं हैं।
ब्लैक सी में फंसे 13 भारतीय नाविकों के बीच यूक्रेन ने भारत की समुद्री एडवाइजरी पर सवाल उठाए हैं। यूक्रेन ने हॉर्मुज और ब्लैक सी के सुरक्षा मानकों में अंतर को लेकर भारत सरकार से कड़ा ऐतराज जताया है।
ईरान अमेरिका युद्ध में एक बार फिर से भारतीय नागरिक निशाना बने हैं। ओमान तट से गुजर रहे जिस जहाज पर ईरान ने हमला किया था, उस पर 11 भारतीय सवार थे। सरकार के मुताबिक 10 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक अभी भी लापता है।
विदेश मंत्रालय ने सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान की तरफ से दी जा रही धमकियों पर सीधा जवाब दिया है। MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सरकार का रुख इस मुद्दे को लेकर स्पष्ट है। यह संधि पाकिस्तान की तरफ से जारी आतंकवाद की वजह से रुकी हुई है।
अमेरिकी सांसद ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध में शामिल होने की ट्रंप की नीतियां पूरी तरह से नुकसानदेह रही हैं। इससे भारत में गैस की कीमतों पर बहुत बुरा असर पड़ा है। अगर आपको मेरी बात पर यकीन नहीं है, तो जयशंकर से पूछ लीजिए।
Modi-Meloni Meeting: मुलाकात का असली मुख्य आकर्षण तब सामने आया जब जी7 आउटरीच सत्र के दौरान दोनों नेता आपस में बातचीत कर रहे थे। इस दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर पास ही खड़े थे।
ईरान में फंसे भारतीय नाविकों ने वीडियो जारी करते हुए कहा कि केवल भारतीय चालक दल वाले शिप को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनका युद्ध से कोई लेना-देना नहीं है, इसके बावजूद उनपर हमले हो रहे हैं।