
Rudraksha niyam: शिवमहापुराण में बताया गया है कि कैसा रुद्राक्ष अच्छा है और किस रुद्राक्ष को नहीं पहनना चाहिए, इसके अलावा पहनते हैं तो क्या ना करें

How to wear Rudraksha kaise dharan karen : कई समस्याओं में रुद्राक्ष धारण करना बेहद फलदायक माना गया है। इसका वर्णन शिव पुराण में भी मिलता है। रुद्राक्ष को हमेशा सही समय, विधि और नियम अनुसार धारण करना चाहिए।

असली रुद्राक्ष कैसे पहचाने? खरीदते समय इन गलतियों से बचें। पानी में उबाल, सरसों तेल, तांबा और चमक के आसान घरेलू तरीकों से जांच करें। सही रुद्राक्ष चुनकर शिव कृपा और स्वास्थ्य लाभ पाएं।

Shiv Mahapuran: शिव के आंसुओं से उत्पन्न होने वाले रुद्राक्ष को बहुत खास माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इसको पहनने से कई लाभ मिलते हैं। यहां आप पढ़ सकते हैं।
द्राक्ष की माला पहनने के शास्त्रीय नियम जानें। कैसे शुद्ध करें, किस धागे में पहनें, कब उतारें और किन गलतियों से बचें। गलत तरीके से धारण करने से अशुभ परिणाम हो सकते हैं, इसलिए रुद्राक्ष धारण करने की सही विधि और महत्व जरूर पढ़ें।
रुद्राक्ष धारण करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं, बाधाएं दूर होती हैं और भौतिक व आध्यात्मिक उन्नति होती है। खासकर बिजनेस और करियर में तरक्की के लिए कुछ विशेष मुखी रुद्राक्ष बहुत प्रभावशाली माने जाते हैं।
शिवपुराण में इसकी उत्पत्ति के बारे में कहा जाता है कि यह भगवान शिव के आंसुओं से बनी हुई है। शास्त्रों के अनुसार रुद्राक्ष धारण करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है, मन शांत रहता है और आत्मिक उन्नति होती है। साथ ही इसे चिकित्सकीय उद्देश्य के लिए भी धारण किया जाता है।
Shiv Mahapuran rudraksh:भगवान शिव को रुद्राक्ष बहुत प्रिय हैं। रुद्राक्ष के बारे में शिवमहापुराण और स्कंन्द्पुराण में भी वर्णन किया गया है। शिवमहापुराण में लिखा है कि कितने मुख वाले रुद्राक्ष से क्या फल मिलता है यहां जानें