संतकबीरनगर जिले में सरयू नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 10 सेमी बढ़ा है, जबकि राप्ती नदी का जलस्तर 65 सेमी बढ़ा है। सरयू नदी खतरे के निशान से 50 सेमी नीचे बह रही है, और राप्ती नदी भी जल्द ही खतरे के निशान के पास पहुंच सकती है। फसलों पर जलस्तर वृद्धि का प्रभाव पड़ रहा है।

Santkabir Nagar News: संतकबीरनगर में सरयू नदी का जलस्तर मामूली वृद्धि के बाद स्थिर हो गया है। राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जलस्तर में वृद्धि के कारण माझा क्षेत्र की फसलें प्रभावित हो रही हैं। खेतों में पानी भरने से किसानों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।

Santkabir Nagar News: संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में बहने वाली सरयू नदी का जलस्तर में स्थिर

Santkabir Nagar News: संतकबीरनगर जिले की सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसमें पिछले 24 घंटे में 10 सेमी की वृद्धि हुई है। राप्ती नदी का जलस्तर भी 34 सेमी बढ़ गया है, जिससे बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। नदी के जलस्तर के कारण किसानों की फसलें डूबने लगी हैं, जबकि विभाग स्थिति की निगरानी कर रहा है।
बरहज (देवरिया) में सरयू और राप्ती का जलस्तर एक सप्ताह में बढ़ गया है। सरयू में 24 घंटे में 15 सेमी की वृद्धि हुई है, जिससे कटान और जोखिम बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द बचाव कार्य शुरू करने की मांग की है। सभी नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन स्थिति अभी नियंत्रण में है।
संतकबीरनगर जिले में, सरयू और राप्ती नदी का जलस्तर कम होने लगा है। सरयू खतरे के निशान से 85 सेमी नीचे और राप्ती 4.610 मीटर नीचे पहुंच गई है। जलस्तर में कमी के कारण तटवर्ती क्षेत्रों में राहत मिली है और संभावित बाढ़ का खतरा टल गया है।
जमुनहा के गांवों में मानसून की पहली बारिश से डर वापस लौट आया है। राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण ग्रामीण तैयारी कर रहे हैं। 2014 की भीषण बाढ़ की यादें ताजा हैं, जब कई गांव प्रभावित हुए थे। वर्तमान में भी बारिश के साथ खतरा बना हुआ है, जिसमें कई गांव विशेष रूप से प्रभावित हैं।
Santkabir Nagar News: संतकबीरनगर जिले में सरयू नदी के जलस्तर में 5 सेमी की वृद्धि हुई है, जबकि राप्ती नदी का जलस्तर 47 सेमी घटा है। राप्ती नदी खतरे के निशान से 3.260 मीटर नीचे बह रही है, जिससे तटवर्ती गांवों को राहत मिली है। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है।
संतकबीरनगर-मेंहदावल जिले में सरयू नदी के जलस्तर में पिछले 24 घंटे में 100 सेमी की वृद्धि हुई है, जबकि राप्ती नदी का जलस्तर 70 सेमी घट गया है। इसके चलते तटवर्ती गांवों के लोगों को राहत मिली है। प्रशासन ने सतर्कता बरती है और बाढ़ की संभावना की निगरानी कर रहा है।
Balrampur News: बलरामपुर जिले में तीन दिनों से हो रही बारिश और पहाड़ी नालों की बाढ़ से कई गांव जलमग्न हो गए हैं। लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है, और आवागमन में बाधा आई है। राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे फसलों को संकट उत्पन्न हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मदद की बजाय श्रमदान कर रास्ता बनाया।