
Bareily News: रामगंगानगर आवासीय योजना के सेक्टर-2 में स्थित रामायण वाटिका को नया और आकर्षक रूप दिया जाएगा। बरेली विकास प्राधिकरण ने सौंदर्यीकरण की प्रक्रिया शुरू की है जिसमें आधुनिक सामग्री का उपयोग होगा। इस कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को नियमित निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

Badaun News: रामगंगा के कटान से प्रभावित जरतौली गांव दूसरे दिन धरने में नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव व पदाधिकारी।

Bareily News: गुरु पूर्णिमा पर भमोरा के फिरोजपुर घाट पर श्रद्धालुओं ने रामगंगा में स्नान किया। मेले में भीड़ उमड़ी और श्रद्धालुओं ने चाट-पकौड़ी, खेल खिलौने, और मिठाइयों का आनंद लिया। महिलाएं मीना बाजार में खरीदारी करती रहीं। कई जगहों पर भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें प्रसाद ग्रहण किया गया।

Farrukhabad Kannauj News: गंगा और रामगंगा का जलस्तर बुधवार को कम हुआ है। गंगा का जलस्तर 136.20 मीटर है, जो 5 सेंटीमीटर घटा है। स्थानीय लोगों में कटान को लेकर चिंता बनी हुई है। प्रशासन बाढ़ की आशंका को देखते हुए अलर्ट मोड में है और निरीक्षण कर रहा है।
Bareily News: बिशारतगंज। चराते समय 12 पशु रामगंगा के गहरे पानी में चले गए, जिसमें नौ पशुओं के शव मिले हैं और तीन पशु अभी भी लापता हैं। मामले की सूचना थाना पुलिस को
Badaun News: दातागंज में रामगंगा नदी के उफनाने के बाद जरतौली गांव में प्राथमिक स्कूल पर होता कटान।
Rampur News: फोटो- मड़ी स्थित रामगंगा नदी तट पर व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान में स्वयंसेवकों, स्थानीय नागरिकों, युवाओं
Farrukhabad Kannauj News: फर्रुखाबाद में बांधों से पानी की कमी के कारण गंगा और रामगंगा का जलस्तर घटा है। जलस्तर में कमी के बावजूद कटान जारी है, जिससे ग्रामीणों की स्थिति खराब हो रही है। गंगा का जलस्तर 15 सेंटीमीटर कम होकर 135.65 मीटर पर पहुंच गया है, जो चेतावनी बिंदु से नीचे है।
Farrukhabad Kannauj News: गंगा के कटान से दहशत, रामगंगा ने बढ़ायी बेचैनीगंगा थमी तो रामगंगा पांच सेंटीमीटर और बढ़ी फर्रुखाबाद, संवाददाता। बांधो से पानी की मात्रा में कमीं
Farrukhabad Kannauj News: फर्रुखाबाद में बांधों से पानी की मात्रा कम होने के कारण गंगा का जलस्तर 15 सेंटीमीटर घट गया है। रामगंगा नदी का जलस्तर गेज पर आ गया है, लेकिन खतरे की बात नहीं है। जलस्तर में कमी से तटीय इलाकों में कटान तेजी से हो रहा है, जिससे लोग चिंतित हैं।