
रक्षाबंधन के लिए डाक विभाग ने विशेष तैयारी की है। इस मौके पर सामान्य काउंटर के साथ एक विशेष काउंटर खोला जाएगा। राखी भेजने के लिए स्पेशल वाटरप्रूफ लिफाफे उपलब्ध होंगे। ये लिफाफे 10 रुपए में मिलेंगे और बहनों की राखी भाइयों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

Chandra Grahan on Raksha Bandhan 2026: साल 2026 में रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। खास बात यह है कि इसी दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं रहेगा।

Lunar eclipse on Raksha Bandhan 2026 : इस साल रक्षा बंधन के दिन सुबह से ही चंद्र ग्रहण का साया भी मंडरा रहा है। ऐसे में गौर फरमाने वाली बात यह रहेगी कि रक्षा बंधन के दिन चंद्र ग्रहण का प्रभाव या सूतक काल रहेगा या नहीं।

Kab hai Raksha Bandhan 2026 Date and Time : उल्लास के साथ रक्षा बंधन का त्योहार शुक्रवार के दिन मनाया जाएगा। भाई और बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक माना जाता है रक्षा बंधन का त्योहार। इस दिन भद्रा रहित मुहूर्त में राखी बांधने का विधान है।
Rakhi bandhne ka shubh muhurat 2026: हिंदू धर्म में रक्षा बंधन का त्योहार खास महत्व रखता है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई में राखी बांधती हैं और उनकी लंबी आयु की प्रार्थना करती हैं। जानें इस साल कब है रक्षा बंधन।
पारामातू गांव में पर्यावरण संरक्षण और वन बचाने के लिए वन रक्षाबंधन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पेड़-पौधों को राखी बांधी गई और जंगलों की सुरक्षा का संकल्प लिया गया। मुखिया ने कहा कि पेड़-पौधे जीवन का आधार हैं और जंगल सुरक्षित रहेंगे तभी पर्यावरण संतुलित रहेगा।
विकासनगर के एक निजी स्कूल की प्रधानाचार्या ने दो छात्राओं को राखी पहनने और टीका लगाकर आने पर परीक्षा में प्रवेश नहीं दिया। यह घटना 21 फरवरी को हुई, जिसके बाद अभिभावकों और व्यापार मंडल ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने इसे परंपरा का अपमान और छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया।
डोमचांच प्रखंड के वनपोक जंगल में रक्षाबंधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उपायुक्त ऋतुराज ने जंगलों के संरक्षण का महत्व बताया। ग्रामीणों ने पूजा-अर्चना कर वनों की रक्षा का संकल्प लिया और पेड़ों पर रक्षा सूत्र बांधे। उप विकास आयुक्त रवि जैन ने पर्यावरण संरक्षण की नैतिक जिम्मेदारी पर जोर दिया।
विष्णुगढ़ के भेलवारा पंचायत में गोलगो जंगल में वन रक्षाबंधन का दूसरा वर्षगांठ मनाया गया। ग्रामीणों ने वन देवी की पूजा की और जंगल की रक्षा का संकल्प लिया। कार्यक्रम में काली महतो ने जंगल की सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया और अवैध कटाई रोकने की अपील की।
लातेहार टूरिज्म ने पर्यावरण संरक्षण के लिए 'पेड़ का रक्षाबंधन' अभियान शुरू किया है। इस मुहिम में पर्यटक पुराने पेड़ों पर रक्षा-सूत्र बांधकर उनकी सुरक्षा का संकल्प ले रहे हैं। यह अभियान नेतरहाट से बेतला तक फैल चुका है, जिसमें विभिन्न राज्यों के पर्यटक भाग ले रहे हैं।